बिना शटडाउन लिए ट्रांसफार्मर ठीक करने बिजली के पोल पर चढ़े ऊर्जा निगम के संविदाकर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक सदस्य को नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर बिजली घर पर हंगामा किया। विधायक और पुलिस ने मृतक
के परिजनों को आश्वासन देकर किसी तरह शांत कराया।
लक्सर क्षेत्र के गंगोली गांव निवासी बिट्टू (35) पुत्र पहल सिंह चुड़ियाला गांव में मामा के घर रहता था। वह ऊर्जा निगम में संविदा के तहत लाइनमैन था। बताया जा रहा है मंगलवार शाम करीब साढे़ सात बजे वह गांव में एक किसान के खेत में ट्रांसफार्मर ठीक करने गया था। जैसे ही वह पोल पर चढ़ा तो अचानक लाइट आ गई। करंट लगने से झुलसकर वह नीचे गिर गया। परिजन और ग्रामीण बिट्टू
को लेकर रुड़की अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, बुधवार सुबह मृतक के परिजनों ने चुड़ियाला बिजली घर पर जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि अधिकारियों की गलती के कारण बिट्टू की मौत हुई है। लिहाजा परिवार के एक सदस्य को नौकरी और उचित मुआवजा मिलना चाहिए। हंगामे की सूचना पर विधायक ममता राकेश और थानाध्यक्ष भगवानपुर संजीव थपलियाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया।
इसके बाद परिजन शांत होकर घर लौट गए। थानाध्यक्ष संजीव थपलियाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसडीओ मनोज कुमार अग्रवाल का कहना
है कि शाम छह से सात बजे के बीच अक्सर लाइट नहीं रहती है। उसी बीच संविदाकर्मी बिना शटडाउन लिए ट्रांसफार्मर ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ा था। घटना की रिपोर्ट बनाकर निगम के उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।