कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. निशंक ने जनपद के मेधावी किसानों को कृषि विभाग की ओर से पुरस्कृत किया। इस दौरान नारसन ब्लॉक के सढ़ोली गांव के बालेंद्र त्यागी को आत्मा योजना के तहत किसान भूषण पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र और 25 हजार का चेक प्रदान किया गया। इसके अलावा किसान सुशील चौहान, पीयूष पुंडीर और पहल सिंह को भी सम्मानित किया गया।
शिक्षकों ने सौंपा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन
उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप त्यागी के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अशासकीय शिक्षकों का अनुदान समाप्त करने का विरोध किया। ज्ञापन में कहा गया कि राज्य में करीब 12000 अशासकीय शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से सहयोग कर रहे हैं। इन विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम भी उत्कृष्ट रहता है, लेकिन पिछले कुछ समय से विभागीय अधिकारी लगातार अनुदान समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने जल्द ही समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया। इस मौके पर डॉ. अशोक शर्मा आर्य, प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष मनोज सैनी, जितेंद्र पुंडीर, वीरेंद्र प्रभु, मैनपाल सिंह, सतीश चौधरी, सचिन त्यागी, अरविंद सैनी, डॉ. राकेश त्यागी, सुषमा बालियान आदि मौजूद रहे।
पूर्व विधायक तेजपाल सिंह के परिजनों को दी सांत्वना
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक पूर्व भाजपा विधायक तेजपाल सिंह पंवार के निधन पर शोक व्यक्त करने उनके राजेंद्र नगर स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने दिवंगत विधायक की पत्नी चंपा देवी और बेटे दिनेश पंवार से मिलकर सांत्वना दी। डॉ. निशंक ने कहा कि विधायक तेजपाल सिंह पंवार समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपने जीवन में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का जो आयाम स्थापित किया है, वह हर जनप्रतिनिधि के लिए अनुकरणीय है। इस मौके पर विजयपाल सिंह एडवोकेट, सत्यपाल सिंह पंवार, चौधरी प्रमोद सिंह, रामगोपाल कंसल, सीबीआरआई वैज्ञानिक डॉ. अचल मित्तल, रोहताश सिंह, अमन त्यागी आदि मौजूद रहे।
सरकार के खिलाफ बयानबाजी से मची हलचल
बीएसएम कॉलेज में केंद्रीय शिक्षामंत्री के संबोधन के दौरान एक किसान ने हंगामा खड़ा कर दिया। सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने से माहौल में हलचल पैदा हो गई। तांशीपुर के किसान प्रमोद त्यागी का कहना था कि लॉकडाउन में युवाओं की नौकरी चली गई है और लोग बेरोजगार हो रहे हैं, लेकिन सरकार उनके लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। इसी बीच मंच से डॉ. निशंक ने कहा कि उनकी समस्या को सुना जाए और समाधान कराया जाए। इसके बाद पुलिस और भाजपाई किसान को बाहर ले गए और समझाकर शांत किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को काले झंडे दिखाने जा रहे भाकियू (अंबावत) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान पुलिस से किसानों की हल्की नोकझोंक भी हुई। पुलिस सभी को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई और यहां नजरबंद कर दिया। बाद में मंत्री के कहने पर किसानों को छोड़ दिया गया।
शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री निशंक का बीएसएम इंटर कॉलेज में कार्यक्रम था। इसे देखते हुए भाकियू (अंबावत) के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह सैनी ने उन्हें काले झंडे दिखाने की बात कही थी। लिहाजा कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात था। करीब 12 बजे पुलिस को सूचना मिली कि प्रदेश अध्यक्ष समेत कई किसान काले झंडे दिखाने आ रहे हैं। इस पर पुलिस ने किसानों को पहले ही रोक लिया और समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान कार्यक्रम स्थल पर जाने की जिद करने लगे। इसे लेकर किसानों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। इसके बाद पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान किसानों ने कृषि कानून वापस लेने, किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की। इसके बाद पुलिस सभी को सिविल लाइंस कोतवाली लेकर पहुंची और यहां नजरबंद कर दिया।
मंत्री के हरिद्वार रवाना होने के बाद शाम पांच बजे पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। इस दौरान प्रदेश सचिव सागर सिंह, चौधरी प्रवीण, लक्ष्मी शर्मा, मुकेश पुंडीर, खुशाल सैनी, आमिर अली, अमजद चौधरी, कुर्बान, चौधरी विनोद, गुलिस्तान, आदिल, महेंद्र सैनी, वेदपाल, सोनू कुशवाहा, रिंकू, जितेंद्र, जसवीर सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं, यूनियन के जिलाध्यक्ष अभिषेक सैनी के नेतृत्व में भी कार्यकर्ता मंत्री को काले झंडे दिखाने रुड़की आ रहे थे, जिन्हें पुलिस ने इमलीखेड़ा में ही रोककर हिरासत में ले लिया। प्रवीण सैनी, सौरभ सैनी, शिव कुमार सैनी, जैनिश सैनी को हिरासत में लेकर पुलिस चौकी लाया गया। मंत्री के जाने के बाद इन्हें भी छोड़ दिया गया।