कुछ दिन पहले ही तिरुपति बालाजी मंदिर को भेजा गया था घी
- टीम ने फैक्टरी से जुड़े कई लोगों को पूछताछ के लिए भी बुलाया
रुड़की। केंद्रीय केंद्रीय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पांच घंटे तक फैक्टरी में रही और जांच-पड़ताल की। सूत्रों का कहना है कि तिरुपति बालाजी के प्रसाद में चर्बी मिलने की रिपोर्ट सामने आने के कुछ दिन पूर्व ही फैक्टरी से घी की आपूर्ति की गई थी। स्थानीय जांच टीम की रिपोर्ट को संदिग्ध मानते हुए केंद्रीय टीम अब खुद इस मामले में जांच कर रही है।
कंपनी के कागजात समेत फैक्टरी में तैयार हुए घी के भी नमूने लिए जा रहे हैं। कितने दिन पूर्व फैक्टरी में घी बना है, इसकी जांच सबसे अहम मानी जा रही है। क्योंकि फैक्टरी स्वामी का कहना है कि बीते एक महीने से कंपनी में घी बना ही नहीं है। जबकि जांच में सामने आ रहा है कि करीब 20 से 25 दिन पूर्व ही यहां से घी की आपूर्ति हुई थी।
स्थानीय टीम को नहीं किया शामिल
केंद्रीय खाद्य सुरक्षा की टीम ने भगवानपुर पहुंचकर जिस तरह से छापा मारा, इससे लग रहा था कि स्थानीय टीम की जांच रिपोर्ट संदिग्ध मानी जा रही है। क्योंकि स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी इसमें शामिल नहीं था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी से जब बात की गई, तो उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीम के आने की उन्हें सूचना है, लेकिन वह हरिद्वार में हैं।
केंद्रीय खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फैक्टरी में छापा मारा है। टीम ने जांच के बारे में कुछ खास नहीं बताया है। केंद्रीय टीम अपने हिसाब से जांच करती है।
- योगेंद्र भंडारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी