सड़क से सदन तक हंगामे के बावजूद सरकार ने जबर्दस्ती विधेयकों को पास कर दिया गया है। इससे सरकार की मानसिकता साफ झलकती है कि वह किसान विरोधी है। भाकियू टिकैत इन विधेयकों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
-विजय शास्त्री, जिलाध्यक्ष भाकियू टिकैत
एक तरफ सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने का ढिंढोरा पिटती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि केंद्र सरकार किसानों की विरोधी है। किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है।
-संजय चौधरी, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष
किसानों का भुगतान तीन-तीन साल तक नहीं होता है। इसके बाद भी अगर सरकार किसानों के हितैषी होने का दावा कर रही है तो वह पूरी तरह से गलत है। किसानों का कोई हितैषी नहीं है।
-कुलदीप सैनी, किसान नेता
किसानों के लिए सरकार तरह-तरह की योजनाएं लेकर आती है, लेकिन ये योजनाएं धरातल पर नहीं उतरती हैं, जबकि उद्योगपतियों व विधायकों की वेतन बढ़ोतरी आदि की योजनाएं तुरंत लागू हो जाती हैं। इससे साफ है कि सरकार किसानों की हितैषी न होकर अपने फायदों की योजनाओं का संचालन करती है।
-रवि कुमार, किसान नेता