सिर्फ ब्रांडेड कंपनी और एमजी के नाम पर ही बाजार में बेचा जा रहा था। ड्रग इंस्पेक्टर एमएस राणाओ ने बताया कि फैक्टरी से बरामद दवाओं के दस सैंपल लिए गए थे। बड़ी बात सामने आई है कि इनमें किसी भी प्रकार के एक्टिव ड्रग की मिलावट नहीं थी। आरोपी ब्रांडेड कंपनी के नाम से दवा बाजार में उतार लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर मोटा मुनाफा कमा रहे थे।
फैक्टरी पर विभाग की नजर
माधोपुर स्थित नकली दवा फैक्टरी को ड्रग विभाग ने सील कर दिया था। इसके बाद भी ड्रग विभाग की बंद पड़ी फैक्टरी पर पैनी नजर है। नजर रखी जा रही है कि फैक्टरी में कोई चोरी छिपे तो नहीं आ, जा रहा है। साथ ही पुलिस भी फैक्टरी पर नजर रखे हुए है।