चीनू पंडित ने उसे बताया कि आकाश त्यागी मर्डर केस में कोर्ट में सुनवाई चल रही है और उसमें अश्वनी और सोनी जो कि एकता गैस एजेंसी पर काम करते हैं वे मुख्य गवाह हैं। अगर वह गवाही बदल दें तो वह उस केस में बरी हो जाएगा।
चीनू ने बताया कि जेल से बाहर निकलने के बाद उसे उसका भाई मोनू उर्फ राजीव शर्मा पिस्टल उपलब्ध कराएगा और उस पिस्टल से गैस गोदाम पर फायरिंग कर अश्वनी को डराना है ताकि वह इस मामले में गवाही से अपना नाम बदल ले। अगर जरूरत पड़ी तो पैर में गोली मार देना।
मुकुल के अनुसार राजीव शर्मा उर्फ मोनू ने उसे बंदूक और पैसा उपलब्ध कराया और उसने अपने एक दोस्त की मोटरसाइकिल कुछ समय के लिए मांगी। जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार, तीन शूटर अभी भी फरार हैं।