इसकी शिकायत आईआईटी के सुरक्षा इंचार्ज एएस मौर्य ने पुलिस से की। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि आरोपी फर्जी आईडी बनाकर डॉक्टर बना हुआ था। जांच में बात सामने आई है कि वह आईआईटी को बदनाम करने की कोशिश कर रहा था, साथ ही पैसे वसूली कर रहा था। मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
प्रोफेसर से मांगे पांच हजार, तब पकड़ा गया रंगेहाथ
आरोपी ने आईआईटी परिसर में जाली में बंद एक कुत्ते का वीडियो बना लिया था। इसे वायरल कर वह कह रहा था कि कुत्ते को बेहद परेशानी हो रही है। इससे देशभर के पशु प्रेमी बौखला गए और आईआईटी के प्रोफेसरों को फोन कर परेशान करने लगे। ऐसे में आरोपी ने प्रोफेसर गार्गी से पांच हजार रुपये मांगे और मामला शांत कराने का आश्वासन दिया।
कोतवाल आरके सकलानी ने बताया कि प्रोफेसरों ने जब उसे पैसे दिए और पुलिस को जानकारी दी कि वह पैसे लेकर निकल चुका है। ऐसे में पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे रंगेहाथों दबोच लिया। जब उसकी जांच की गई तो प्रोफेसरों की ओर से बताई गई राशि के अनुसार ही उसकी जेब से पैसे भी निकले। वहां सीसीटीवी कैमरे भी उपलब्ध थे। पूरी घटना रिकॉर्ड हो चुकी है।