पुलिस टीम महिलाओं को लेकर जाने लगी तभी 35-40 लोगों की भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया और जबरन महिलाओं को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने का प्रयास किया। पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू हो गई और हाथापाई भी हुई। भीड़ में किसी ने पथराव शुरू कर दिया। एक पत्थर एसआई प्रदीप की सीने में आकर लगा। तभी कांस्टेबल राहुल ने भगवानपुर के प्रभारी निरीक्षक को फोन कर स्थिति के बारे में बताया। वहीं भीड़ भी उग्र हो गई। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस टीम को देखकर उपद्रवी भीड़ मौके से भाग निकली।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सूर्य भूषण नेगी ने बताया कि मामले में एक आरोपी नौशाद की पत्नी नसरीन और उसकी बेटी जैनव को मौके से गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य मौके से भाग निकले। मामले में तोफीक, अतीक, फैजान, मुर्तजा, हसीन, इसरान, रिहान, अनीस, असलम, शराफत उर्फ अल्लू, अनवर, शमीम, सावन उर्फ हल्वा, सुभान, इस्लाम, रियासत, सलमान, गुड्डु, अजीम, खुसनसीब, रेशमा, शहजादी, शमा, शाहीन, मोहसीना और रिजवाना के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही है।