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पढ़िए, दून के हीरो कार्तिक, जोगेंद्र-राजू का कारनामा

Sat, 18 Oct 2014 01:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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पांच दिन पहले साजिश, दो दिन पहले रेकी और घर में अधिवक्ता की पत्नी के अकेले होने की सौ फीसदी गारंटी के बाद बदमाशों ने सोचा भी नहीं होगा कि लूट के चंद घंटे बाद ही वे सलाखों के पीछे होंगे।
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वे फरार हो भी जाते, लेकिन 11वीं के छात्र कार्तिक की दिलेरी, राजू की मदद और ड्यूटी पर नहीं होने के बावजूद सिपाही जोगेंद्र की मुस्तैदी ने उन्हें हवालात पहुंचा दिया। तीनों को उनकी बहादुरी और हौसले के लिए सलाम किया जा सकता है।

राजधानी देहरादून में दिनदहाड़े घर में घुसकर लूटपाट की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को इन तीनों ने दौड़ाकर पकड़ लिया। मौके पर मौजूद कार्तिक ने बताया कि आंटी (अधिवक्ता की पत्नी) की चीखें सुनकर वह अपने घर के गेट पर आ गया।
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वहीं से अग्रवाल के घर का जायजा लेने की कोशिश कर रहा था, तभी तीन बदमाश बाहर निकल कर भागने लगे। बदमाशों को देख अंदाजा हो गया कि अधिवक्ता के घर कोई अनहोनी हुई है। इसके बाद वह भी शोर मचाते हुए बदमाशों के पीछे दौड़ने लगा।

बदमाश ने तमंचा निकाल लिया

उसका शोर सुन एक सब्जी विक्रेता ने ठेली अड़ाकर बदमाशों को रोकने की कोशिश की, लेकिन एक बदमाश ने तमंचा निकाल लिया। इससे डरकर ठेलीवाला किनारे हो गया।

कार्तिक ने बताया कि तमंचा देखकर एक पल के लिए वह भी ठिठक गया, लेकिन फिर हिम्मत करके दौड़ने लगा। इसी बीच कार्तिक के घर काम करने वाला राजू भी आ गया। राजू के आने से उसे और हिम्मत मिली। दोनों बदमाशों का पीछा करने लगे। कुछ आगे जाने पर सिपाही जोगेंद्र मिल गए। इसके बाद कार्तिक और जोगेंद्र ने बदमाश अंकित को पकड़कर ही दम लिया।

जोगेंद्र ने तुरंत बढ़ाई सूचना
बसंत विहार थाने में तैनात कांस्टेबल जोगेंद्र शुक्रवार दोपहर ड्यूटी पर नहीं थे। वह बाजार से बाइक पर लौट रहे थे। इस दौरान रास्ते में कार्तिक शोर मचाते हुए दौड़ता मिला। जोगेंद्र ने बाइक रोककर कार्तिक से वजह पूछी। जोगेंद्र को जैसे ही मालूम हुआ कि दत्ता एन्क्लेव में लूट हुई है, उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को जानकारी दी। जोगेंद्र ने बताया कि उन्होंने तुरंत कार्तिक को बाइक पर बैठाया और भाग रहे अंकित का पीछा किया। एक हाथ पोलियोग्रस्त होने से अंकित की शिनाख्त आसान थी। बल्लीवाला चौक पर तैनात सिपाही शशिकांत और महिला कांस्टेबल सुशीला की मदद से जोगेंद्र ने अंकित को दबोच लिया।
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आईडी कार्ड से जगा भरोसा

जोगेंद्र ने बताया कि उन्होंने खुद को सिपाही बताकर कार्तिक को साथ चलने के लिए कहा, लेकिन कार्तिक को विश्वास नहीं हुआ। इसके बाद जोगेंद्र ने अपना आईडी कार्ड कार्तिक को दिखाया, तब जाकर वह बाइक पर बैठा।

परिवार को सुरक्षा की चिंता
कार्तिक ने भले हिम्मत दिखाकर बदमाशों को पकड़ने में पुलिस की मदद की, लेकिन उसके परिजनों को उसकी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। परिजनों ने पुलिस से उसका नाम सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया था, लेकिन तब तक कार्तिक मीडियाकर्मियों से बातचीत कर चुका था।

बार एसोसिएशन करेगी सम्मान
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा, उपाध्यक्ष प्रकाश टी पाल और सचिव रघुवीर कठैत ने पुलिस टीम के साथ साहसी छात्र कार्तिक गोयल को सम्मानित करने की घोषणा की है। एसएसपी अजय रौतेला का कहना है कि यदि परिजन चाहें तो पुलिस भी कार्तिक को सार्वजनिक सम्मान देने को तैयार है।
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