नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोमवार रात 12 बजे से रोडवेज बसों का चक्काजाम करने जा रहे परिवहन निगम कर्मचारियों के तेवर ठंडे पड़ गए।
हाईकोर्ट ने एस्मा लगाने का आदेश दिया तो कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान वापस ले लिया। बाद में प्रबंधन से हुई बातचीत में भी कर्मचारियों की चालक-परिचालकों को ठेके पर न रखने की मांग पर सहमति नहीं बन सकी।
सोमवार दोपहर को परिवहन निगम मुख्यालय में हड़ताली कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। हालांकि, वार्ता से पहले ही हाईकोर्ट के एस्मा लगाने के आदेश की जानकारी मिलने से कर्मचारी दबाव में नजर आए। वहीं, अधिकारी आदेश के बाद बेफिक्र रहे।
उन्होंने साफ किया कि रोडवेज में ठेका प्रथा खत्म नहीं होगी। कहा गया कि जो कर्मचारी पहले से ठेके में है, उन्हें धीरे-धीरे संविदा कर्मचारी के तौर पर समायोजित किया जाएगा। कुछ अन्य मांगों पर भी सहमति बन गई। करीब डेढ़ घंटे चली वार्ता के बाद उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल की घोषणा वापस ले ली।
महाप्रबंधक (संचालन) दीपक जैन ने बताया, बसों का संचालन अब सुचारु होता रहेगा। इसके बाद भी अगर कोई हड़ताल पर जाता है तो एस्मा के तहत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।