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उत्तराखंड में बसों ने कहीं का न छोड़ा

Fri, 01 May 2015 11:25 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एक दिवसीय हड़ताल से दिन भर आफत रही।
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बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों को हड़ताल ने कहीं का न छोड़ा। बुधवार रात 12 बजे से गुरुवार रात 12 बजे तक देश के विभिन्न शहरों की ओर जाने वाले यात्री परेशान घूमते रहे। हड़ताल से जहां सरकार को करोड़ों रुपयों का चूना लगा, वहीं डग्गामार व ट्रेवल एजेंसी संचालकों ने जमकर चांदी काटी।

आईएसबीटी चौक से कुछ आगे दिल्ली जाने के लिए प्राइवेट बसें गुपचुप तरीके से खड़ी थीं। जबकि सहारनपुर और रुड़की जाने के लिए भी टैक्सी-मैक्सी कैब यहां-वहां से यात्रियों को बैठा रही थीं। उधर, आईएसबीटी में ही कुछ यात्रियों ने मिलकर टैक्सी कैब दिल्ली व अन्य स्थानों के लिए बुक कराई। इस दौरान अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा किराया वसूलने की शिकायत भी मिलती रही।
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यह यूनियन रहीं शामिल
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन, उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन (इंटक), उत्तराखंड राज्य पथ परिवहन कर्मचारी यूनियन (सीटू), उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ (भामस) व उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन सभी हड़ताल में शामिल रहीं।

यूं चला परेशानी का सफर
बुधवार रात 12 बजे
रात 12 बजे उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारी आईएसबीटी चौक पर आ गए और हड़ताल का ऐलान कर दिया। इस दौरान यूपी परिवहन निगम की जो बसें यात्रियों को लेकर कुछ देर पहले आईएसबीटी पहुंची थीं, वो अपने डिपो लौटनी लगीं। वहीं हिमाचल परिवहन निगम की बसें भी लौटा दी गईं। कुछ ही देर में बसों का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया। हालांकि इस दौरान केवल सहारनपुर जाने वाली बसें ही संचालित होती हैं।

सुबह 05: 00 बजे
दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर, हरिद्वार और हल्द्वानी जाने वाले सैकड़ों यात्री बस अड्डे पहुंच चुके थे, लेकिन बसों का संचालन न होने से परेशान रहे। कुछ कर्मचारी लोगों को बता रहे थे कि आज हड़ताल है। इस पर दिल्ली जाने वाले कुछ यात्री तो परिचालकों से ही उलझ पड़े।

हालांकि सुबह पांच और छह बजे जाने वाली वॉल्वो बसों को दिल्ली रवाना कर दिया गया। आईएसबीटी प्रभारी केपी सिंह ने बताया वॉल्वो की ऑनलाइन बुकिंग हो रखी थी। इसलिए इन्हें जाने दिया गया। उधर, कई यात्रियों ने वॉल्वो में चढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान जमकर धक्का-मुक्की भी हुई।

सुबह 10: 00 बजे
हैरान परेशान यात्रियों की दिक्कतें धूप ने और बढ़ा दीं, वे आईएसबीटी चौक के एक तरफ खड़े होकर बसों का इंतजार करने लगे। इस दौरान कुछ यात्री ट्रकों में चढ़ने लगे तो रोडवेज कर्मचारियों ने ट्रक चालकों को मौके से भगा दिया। वहीं कुछ डग्गामार टैक्सी-मैक्सी वाले गुपचुप तरीके से आईएसबीटी से कुछ आगे वाहनों का संचालन करने लगे। इसका पता लगते ही उन्हें भी वहां से खदेड़ दिया गया।

दोपहर 12:00 बजे
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने आईएसबीटी चौक पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का पुतला फूंका। वहीं संयुक्त परिषद ने हरिद्वार रोड स्थित वर्कशाप में धरना-प्रदर्शन किया।

इस दौरान आईएसबीटी में खड़ी यूपी की कुछ बसें वापस रुड़की व सहारनपुर डिपो लौटनी लगीं तो लोगों ने बसों में चढ़ना शुरू कर दिया। किसी तरह लोगों को नीचे उतारा गया। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। पूरी दोपहर परेशान यात्री इधर-उधर घूमते नजर आए।

शाम छह बजे
अब यात्रियों की संख्या बहुत कम हो गई थी। कुछ ही यात्री बसों के इंतजार में आईएसबीटी पर टहलते दिखाई दिए। ज्यादातर लोगों को यह सूचना मिल गई थी कि आज बसों का संचालन ठप है।

जो लड़ते थे वो इस बार दिखे साथ
उत्तराखंड परिवहन निगम एक ऐसा सरकारी संस्थान है, जहां पर सबसे ज्यादा यूनियन गुटबाजी है। लेकिन रोड सेफ्टी बिल के विरोध में सभी एक छत के नीचे आ गए और आंदोलन को सफल बनाया।

सबने कंधे से कंधा मिलाकर रणनीति को सफल बनाने में पूर जोर सहयोग दिया। उत्तराखंड इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री रवि पचौरी ने कहा, अगर ऐसी ही एकता हम कर्मचारी हितों में भी दिखाएं तो परिवहन निगम के दिन अच्छे हो सकते हैं।

ये रूट सबसे ज्यादा प्रभावित
दून से दिल्ली के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के रोजाना 400 फेरे लगते हैं। जबकि यूपी परिवहन निगम की दून से दिल्ली प्रत्येक दिन 150 बसें संचालित होती हैं। वहीं उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें शिमला, कानपुर, नैनीताल, बदायूं, लखनऊ, यमुनानगर, चंडीगढ़, रोहतक, अंबाला आदि जाती हैं।

ऐसे ही इन राज्यों की परिवहन निगम की बसें भी उत्तराखंड के हरिद्वार और दून आती हैं। प्रत्येक दिन हजारों यात्री इन बसों से यात्रा करते हैं। यहां जाने वाले यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।

दिनभर परेशान रहे पर्यटक
देशभर में रोडवेज कर्मियों की हड़ताल का असर पर्यटन नगरी मसूरी में भी दिखाई दिया। गुरुवार सुबह से ही रोडवेज बस सेवाएं ठप हो गई थीं। यहां सबसे ज्यादा दिक्कत पर्यटकों को हुई। रोडवेज कार्यालय के बाहर काफी संख्या में सैलानी परेशान हालत में इधर से उधर टहलते दिखाई दिए।
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मैसानिक लॉज और लाइब्रेरी बस स्टेंड पर भी दिनभर पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। वहीं रोजाना स्कूल-कालेज और कार्यालय जाने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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