कांवड़ के चलते दिल्ली के लिए रोडवेज बसों का संचालन वाया पांवटा और करनाल किए जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
दून से दिल्ली की दूरी 70 किलोमीटर बढ़ने से सफर का बढ़ा समय और किराया तो यात्रियों को दर्द दे रहा है। वहीं, दून-दिल्ली रूट के दो बड़े स्टेशन मेरठ और मुजफ्फरनगर नए रूट से बाहर हैं। ऐसे में इन दोनों शहरों को जाने वाले यात्री परेशान हैं। उनके लिए अब ट्रेन का ही सहारा बचा है, लेकिन वहां भी सीटें फुल होने के कारण लोगों को लटककर सफर करना पड़ रहा है।
दिल्ली के लिए नहीं रिजर्वेशन
कांवड़ के चलते ट्रेनों में रिजर्वेशन भी फुल हो चुके हैं। कई यात्री आईएसबीटी से रेलवे स्टेशन पहुंच रहे हैं, लेकिन तत्काल में किसी को टिकट नहीं मिल रहा। ऐसे में लोग या तो जनरल डिब्बे में किसी तरह सफर कर रहे हैं या यात्रा टाल घर लौट रहे हैं।
यात्रियों की परेशानी
मुझे दिल्ली से निकलने से पहले मालूम नहीं था कि बसें वाया करनाल होकर दून आएंगी। वाल्वो बस में किराया 95 रुपये अधिक लिया गया तब पता चला।
- दीपक कुमार, राजपुर रोड
दिल्ली जाने के लिए पहले छह घंटे लगते थे। करनाल से होकर दिल्ली पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा। रात को लेट होने के कारण अब हम मैट्रो से घर तक नहीं पहुंच पाएंगे।
- राघवेंद्र रमन, दिल्ली
मैं दिल्ली जाने के लिए आईएसबीटी गया। बस नहीं मिली। रेलवे स्टेशन आया, लेकिन आज का कंफर्म टिकट नहीं मिला। अब जनरल में किसी ट्रेन से जाने का इंतजार कर रहा हूं।
- राजबहादुर, मेरठ
रूट बंद होने के कारण मेरठ के यात्रियों को न ले जा पाना हमारी मजबूरी बन गई है। कांवड़ यात्रा के बाद जैसे ही पुराना मार्ग खुलेगा, बसें नियमित रूप से चलने लगेंगी। अभी तो करनाल से होकर ही जाना होगा।
- सीपी कपूर, मंडलीय प्रबंधक, रोडवेज