देहरादून। मेंहूवाला क्लस्टर पेयजल योजना में मात्र 13 सड़कों की कटिंग की अनुमति लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) से ली गई है, लेकिन अनुमित से ज्यादा सड़कें खोद कर विभागों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लिहाजा सड़कों की मरम्मत को लेकर विभाग एक दूसरे पर दायित्व डालकर टाल-मटोल कर रहे हैं। नतीजतन लोगों को ही इसका खामियाजा भुगतना तय है।
दरअसल, मेंहूवाला क्लस्टर योजना के तहत पेयजल निगम विधानसभा सहसपुर और धर्मपुर क्षेत्र में पेयजल लाइन बिछाने का कार्य कर रहा है। नियमानुसार जिन सड़कों पर पेयजल निगम को लाइन बिछानी है, उन सड़कों की रोड कटिंग की अनुमति पेयजल निगम को लोनिवि से लेनी थी और रोड कटिंग का पैसा लोनिवि को देना था। काम पूरा होने पर लोनिवि को इन सड़कों की मरम्मत करानी है, लेकिन पेयजल निगम की ओर से लोनिवि से केवल 13 मुख्य सड़कों के कटिंग की अनुमति ली गई है। जबकि आरकेडिया और ईस्ट होपटाउन में पेयजल निगम की ओर से 13 की बजाय दर्जनभर सड़कों को खोद दिया गया है। इसकी अनुमति लोनिवि से नहीं ली गई है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर इन सड़कों की मरम्मत कौन कराएगा।
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आरकेडिया में कुछ सड़कें लोनिवि और कुछ एमडीडीए, नगर निगम और जिला पंचायत की हैं। इसलिए परमीशन लेने में दिक्कत हुई है। लोनिवि से सड़कों की लिस्ट मांगी गई है। इसके बाद उनसे अनुमति लेकर उन्हें सड़क कटिंग का पैसा दे दिया जाएगा। बाकी अन्य सड़कों की मरम्मत पेयजल निगम स्वयं कराएगा।
-सीता राम, ईई, पेयजल निगम विश्व बैंक परियोजना