उत्तराखंड के जाखणीधार में बन रही सड़क की चाल को देखकर कछुआ भी सरमा जाएगा। देवली-कस्तल मोटर मार्ग पर सात साल बाद भी यातायात शुरू नहीं हो पाया है, जबकि सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई काश्तकारों की भूमि एवं भवनों का प्रतिकर और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों का पुनर्निर्माण भी नहीं हो पाया है।
सड़क से हौज, गूल एवं गांव के संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है, लेकिन लोनिवि ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। प्रखंड के ढुंगमंदार पट्टी के कस्तल, म्यूडी, कुमारगांव, सैज को जोड़ने के लिए वर्ष 2006 में देवली से कस्तल पांच किमी सड़क स्वीकृत की गई थी।
आवाजाही नहीं हो पाई
लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी ने सड़क निर्माण पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर दिया है। बावजूद मार्ग आवाजाही के लिए नहीं बन पाया है। लोनिवि ने सड़क निर्माण के लिए सैकड़ों काश्तकारों की कृषि योग्य भूमि को भी अधिग्रहित किया था। बावजूद दर्जनों काश्तकारों के भूमि एवं भवनों का प्रतिकर नहीं मिल पाया है।
सड़क के कारण कस्तल गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग, आधा दर्जन नहरें, हौज एवं आधा दर्जन आवासीय भवन क्षतिग्रस्त बने हैं। इस कारण ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित होने के साथ आवाजाही की समस्याएं बनी हुई हैं। लोनिवि सड़क के मरम्मत के नाम पर हर वर्ष बिना निविदा के चहेते ठेकेदारों को काम देकर सरकारी धन को ठिकाने लगाने का काम कर रहा है।
इनका क्या है कहना
ग्रामीण लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन लोनिवि क्षतिग्रस्त संपत्तियों की मरम्मत, भवनों, भूमि का प्रतिकर नहीं दे रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने पर भी सड़क आवाजाही के लिए नहीं बन पाई है। जल्द समस्या का निराकरण न होने पर आंदोलन किया जाएगा। -कृपाल सिंह चौहान
हाल ही में स्थानांतरित होकर आया हूं। एक सप्ताह के अंदर देवली-कस्तल मार्ग का निरीक्षण कर यातायात के लिए शुरू करवाया जाएगा। काश्तकारों का प्रतिकर भुगतान भी जल्द करवाया जाएगा। -आरसी कैलखुरा