पॉलीथिन के कचरे को डामर में मिलाकर सड़क बनाने के काम की देहरादून में शुरुआत हो गई। पॉलीथिन का कचरा सड़क निर्माण में खप जाने से पर्यावरण संरक्षण होगा और स्वच्छता भी रहेगी।
इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत एस्ले हॉल से विकास भवन के बीच 210 मीटर सड़क बनाई जा रही है। डामर में पॉलीथिन मिलाकर बनी सड़क की उम्र 30 फीसदी अधिक बढ़ जाती है और निर्माण में कम खर्च भी आता है। सड़क के ऊपर डामर की परतों में प्लास्टिक के रहने से पानी इसे जल्दी खराब नहीं कर पाता।
मौके पर मौजूद डीएम रविनाथ रमन, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग एचके उप्रेती ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद सड़क के सैंपल की जांच कराई जाएगी। इसके बाद इस विधि से शहर में 80 किमी सड़क बनाने की योजना है। प्रोजेक्ट सफल रहने पर प्रदेश में अन्य स्थानों पर सड़क निर्माण में इस विधि को अपनाया जाएगा।
मौके पर ही मौजूद हिमाचल प्रदेश के अपर सचिव राकेश कपूर बताया कि डामर में 10 से 20 प्रतिशत तक पॉलीथिन मिलाई जा सकती है। 20 प्रतिशत पॉलीथिन रहेगी तो सड़क 80 हजार रुपए प्रति किमी सस्ती पड़ेगी। इस विधि से 210 मीटर सड़क बनाने में पांच लाख रुपए खर्च आएगा।