प्रतापनगर प्रखंड के उपली रमोली में ग्राम रैका के ग्रामीणों के लिए सड़क सुविधा आज भी सपना बना हुआ है। प्रखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में भले ही सड़कों का जाल बिछ गया हो लेकिन रैका के लिए 7 साल पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में स्वीकृत 12 किमी सड़क का निर्माण अधर में लटका है। जिससे ग्रामीणों को 8-10 किमी पैदल नापना पड़ रहा है।
12 किलोमीटर बननी है सड़क
दो हजार की जनसंख्या वाले रैका गांव के ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद कंडियालगांव-रैका 12 किमी सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी। जिसका निर्माण अभी तक 6 किमी भी पूरा नहीं हो पाया है। जिससे, किमखेत, बीजाबागी और रैका के ग्रामीण मजबूरन पैदल नाप रहे हैं, लेकिन गांव में सरकारी सुविधा बहाल करने वाले कर्मचारी पैदल दूरी अधिक होने से गांव नहीं पहुंच पाते हैं। जिससे ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क का कार्य ठप
पीएमजीएसवाई की लापरवाही यह है, कि मार्ग निर्माण में बाधा डाल रहे महरगांव के लोगों का भूमि प्रतिकर भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे सड़क का कार्य ठप पड़ा हुआ है। गांव के पूर्व प्रधान जीत सिंह बिष्ट, हुकम सिंह, विजय सिंह, राय सिंह, किशन सिंह, जिला युवक समिति के अध्यक्ष राकेश राणा और मामराज सिंह आदि लोगों का कहना है, विभाग ग्रामीणों का प्रतिकर भुगतान करता है, तो सड़क निर्माण शुरू किया जा सकता है, लेकिन अधिकारी इसमें कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया तो लोस चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।