दिन ढलने के बाद होते हैं ज्यादातर हादसे
शहर की सड़कें दिनभर वाहनों से लबालब रहती हैं। रेंगते वाहनों से जाम तो लगता है, लेकिन हादसे की संभावना बेहद कम रहती है। मगर ये वाहन जब दिन ढलते ही सड़कों पर दौड़ते हैं तो हादसों की संभावनाएं कई गुना हो जाती हैं। यही कारण है कि पैदल लोगों को टक्कर मारने की ज्यादातर घटनाएं दिन ढलने के बाद ही होती हैं। उस वक्त धीमी रोशनी में वाहन चालकों को आसपास का अंदाजा भी कम रहता है। ज्यादातर वाहन चालक इस धीमी रोशनी में हेड लाइट ही ऑन नहीं करते। इसके अलावा खाली गलियों में भी पैदल लोग तेज रफ्तार वाहनों का शिकार होते हैं।
कई चौराहों पर लगे हैं पेडेस्ट्रियन सिग्नल
स्मार्ट सिटी की ओर से अब से करीब चार साल पहले शहर के 49 चौराहों पर नए यातायात सिग्नल लगाए थे। इनमें पैदल यात्रियों के सड़क पार करने के लिए भी पेडेस्ट्रियन सिग्नल लगाए गए थे। यह उस वक्त चालू होते हैं जब वाहनों के लिए रेड लाइट यानी रुकने के लिए लाइट ऑन होती है। इसी दौरान जेब्रा क्रॉसिंग से पैदल यात्रियों को निकलना होता है, लेकिन जागरूकता के अभाव में इन लाइटों का प्रयोग भी कम ही लोग करते हैं। मौजूदा वक्त में शहर के सभी नए सिग्नलों पर ये सिग्नल लगे हुए हैं, जो वर्तमान में चालू हालत में हैं।
क्या करें वाहन चालक
- दिन ढलते ही हेड लाइट ऑन करें।
- नए वाहनों में ऑटो हेड लैंप विकल्प को ऑन रखें, ताकि कम रोशनी होने पर खुद लाइट ऑन हो सके।
- सड़कों पर रफ्तार लिमिट का ध्यान रखकर चलें।
- गाड़ियों के अगले बंपर को छेड़छाड़ कर न बदलें। ये बंपर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए ही लचीले होते हैं।
- बंपर पर तीक्ष्ण लाइट न लगाएं। इससे सामने से आने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
- गाड़ी के ब्रेक ठीक हों, इसकी समय-समय पर जांच करें।
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क्या करें पैदल चलते समय
- हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग से ही सड़क पार करें।
- सड़क पार करते वक्त दोनों ओर ध्यानपूर्वक देखें।
- कोई बुजुर्ग सड़क पार कर रहा है तो उनकी मदद कर सड़क पार कराएं।
- शहर में चलने के लिए फुटपाथ का प्रयोग करें।
- फुटपाथ न हो तो सड़क के दाईं ओर चलें।
- दौड़कर सड़क पार न करें, बच्चों का हाथ पकड़कर सड़क पार कराएं।