डीआरडीओ के अस्थाई अस्पताल में कर चुका काम
सचिन ने एम्स के अधिकारियों को बताया कि उसने कोविड -19 के दौरान डीआरडीओ के द्वारा तैयार किए गए अस्पताल में बतौर हॉस्पिटल अटेंडेंट के रूप में काम किया था। इसके बाद अस्थाई हॉस्पिटल बंद हो गया और वह कहीं चला गय।
किया लाखों का लेन देन
जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि 10 हजार से ऊपर की नकदी आरोपी सचिन से बरामद हुई है। वहीं, उसके मोबाइल से लाखों रुपए का लेन-देन भी हुआ है। इसके अलावा कई प्रकार के फर्जी दस्तावेज भी उसके मोबाइल में देखे गए है।