ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत अब ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेलवे स्टेशनों की संख्या 13 होगी। इससे पहले परियोजना में 12 स्टेशन प्रस्तावित थे। पौड़ी जिले में मलेथा के पास जनासू में एक नया स्टेशन बनाया जाएगा।
पहले यह स्टेशन टनल संख्या आठ के भीतर ही बनना प्रस्तावित था। जिसको अब बाहर जनासू में बनाया जा रहा है। रेल विकास निगम के परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुडी ने बताया कि पैकेज-4 में देवप्रयाग से जनासू तक 14.5 किलोमीटर लंबी टनल (सुरंग) का निर्माण किया जाना है। इसके तहत जनासू में रेलवे स्टेशन प्रस्तावित है।
डबल ट्यूब टनल होगी टनल-8
देवप्रयाग से जानसू के बीच 14.5 किमी. लंबी सुरंग डबल ट्यूब टनल होगी। इस सुरंग में एक सुरंग से गाड़ी आएगी, जबकि दूसरी सुरंग से गाड़ी जाएगी।
योग नगरी ऋषिकश के बाद सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन चौरास में
ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के बाद दूसरा सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन चौरास (श्रीनगर) में बनेगा। ओमप्रकाश मालगुडी ने बताया कि चौरास में इस स्टेशन के निर्माण के लिए दियूली, रानीहाट और नैथाना गांव के ग्रामीणों की भूमि ली गई है। अभी इस स्टेशन का नाम फाइनल नहीं हुआ है। जिलाधिकारी की ओर से नाम भेजे जाने के बाद मुरादाबाद रेल मंडल की ओर स्टेशन के नाम का नोटिफिकेशन किया जाएगा।
17 सुरंगों का लेखा-जोखा
ढालवाला से शिवपुरी- 10.8 किमी.
शिवपुरी से गुलर- 6.4 किमी.
गूलर से व्यासी- 6.7 किमी.
व्यासी से कौडियाला- 2.2 किमी.
कौडियाला से बागेश्वर- 9.7 किमी.
राजचौरा (गंगा पार) से पौड़ी नाला- 220 मीटर
पौड़ी नाला से देवप्रयाग, 1.2 किमी.
देवप्रयाग से जनासू- 14.5 किमी.
लछमोली से मलेथा- 2.8 किमी.
मलेथा से श्रीनगर- 4.1 किमी.
श्रीनगर से धारी- 9.0 किमी.
धारी से नरकोटा- 7.0 किमी.
नरकोटा से तिलानी- 9.4 किमी.
तिलानी से घोलतीर- 6.4 किमी.
घोलतीर से गोचर- 7.1 किमी.
रानो से सिवाई- 6.4 किमी.
सिवाई से कर्णप्रयाग - 200 मीटर