अपर सचिव विधायी ने कहा कि अब राज्य में संशोधन कानून प्रभावी हो गया है। धर्मांतरण विरोधी यह कानून उत्तरप्रदेश से भी सख्त है। जबरन, लालच देकर या धोखे से किसी भी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराना जुर्म होगा।
प्रदेश में जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने या करने पर अब 10 साल तक की सजा होगी। राज्यपाल ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता संशोधन विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी है। राजभवन की मुहर लगने के बाद अब अधिनियम राज्य में प्रभावी हो गया है।
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अपर सचिव विधायी महेश कौशिबा ने विधेयक पर राज्यपाल की स्वीकृति की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अब राज्य में संशोधन कानून प्रभावी हो गया है। धर्मांतरण विरोधी यह कानून उत्तरप्रदेश से भी सख्त है।