सार्वजनिक क्षेत्र से सेवानिवृत्त 70 लाख कर्मचारियों को पेंशन देने की देशव्यापी मांग के तहत बुधवार को दून के घंटाघर पर सड़क जाम कर पूर्व कर्मचारियों ने आंदोलन किया। इस पर पुलिस ने 60 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, इसके बाद भी अन्य प्रदर्शनकारी नहीं रुके और नारेबाजी करते रहे।
राष्ट्रीय संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष टीएस बिष्ट के नेतृत्व में सेवानिवृत्त कर्मचारी एकत्र होकर दर्शन लाल चौराहा से होते हुए घंटाघर पहुंचे। यहां उन्होंने सड़क जाम कर नारेबाजी की और पेंशन देने की मांग की। प्रदर्शन को उग्र होता देख सीओ सिटी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। इस मौके पर राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गोसाईं ने कर्मचारियों का मांग पत्र पढ़ा। इसे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया। प्रेम सिंह रावत, दिनेश पंत ने कहा कि केंद्र सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन की समस्या का निराकरण नहीं करती है तो सेवारत कर्मचारी भी आंदोलन करेंगे। इस मौके पर बीएस रावत, अशोक अग्रवाल, बीएस रावत, सुभाष शाह, संजीव डोभाल, दिवाकर साईं, सूरत सिंह आदि मौजूद रहे।
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ये हैं कुछ प्रमुख मांगें
कम से कम 7500 रुपये पेंशन और महंगाई भत्ता दिया जाए। पेंशनर व उनकी पत्नी को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा दी जाए।