उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) से संबद्ध तकनीक संस्थानों के ऐसे 844 छात्रों के परीक्षा परिणाम जारी होने में दिक्कतें आ सकती हैं, जिनकी कक्षाओं में उपस्थिति पूर्ण नहीं होने के चलते विवि ने पूर्व में प्रवेश पत्रों पर रोक लगा दी थी। लेकिन बाद में संस्थान निदेशकों ने ऑनलाइन उपस्थिति में त्रुटि की बात कहते हुए विवि को शपथपत्र दिए थे। जिसके बाद विवि ने परीक्षा में बैठने की सशर्त अनुमति तो दे दी है, लेकिन अब विवि ने साफ कर दिया है कि उपस्थिति पूर्ण होने की पुष्टि के बाद संबंधित छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी तकनीकी एवं प्रबंधन संस्थानाें की सेमेस्टर परीक्षाएं 20 मई से शुरू हो चुकी हैं। परीक्षा से पूर्व यूटीयू की ओर से सभी छात्रों के प्रवेशपत्र जारी किए गए थे। लेकिन विवि के ऑनलाइन पोर्टल पर नियमानुसार कक्षाओं में उपस्थिति पूर्ण नहीं करने वाले छात्रों के प्रवेशपत्र निर्गत नहीं किए गए थे। जिसके बाद कई संस्थानों की ओर से छात्रों की उपस्थिति को लेकर अलग-अलग तथ्य रखे गए।
जिस पर यूटीयू की ओर से 16 मई 2024 को एक पत्र जारी किया गया। जिसमें बताया गया कि यदि संस्थान निदेशकों को ऐसा लगता है कि छात्रों की उपस्थिति पूर्ण है और किसी कारणवश वह उसे ऑनलाइन सिस्टम में नहीं दर्शा पाए हैं या उपस्थिति पूर्ण नहीं होने के पीछे कई अन्य कारण है तो ऐसे संस्थानों के निदेशकों को शपथपत्र देना होगा। जिसके आधार पर विवि उन छात्रों को सशर्त परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान करेगा। इस आदेश के बाद करीब 20 संस्थानों ने यूटीयू को 844 छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दिए जाने के लिए शपथपत्र जमा कराए। जिसके बाद यूटीयू ने इन छात्रों के प्रवेश पत्र जारी कर दिए। लेकिन अब विवि ने 21 मई को सभी संस्थानों के निदेशकों को एक पत्र जारी किया है।
विवि के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. वीके पटेल की ओर से जारी इस पत्र में कहा गया है कि उपस्थिति पूर्ण नहीं करने वाले जिन छात्रों को संस्थान निदेशकों ने शपथपत्र के आधार पर परीक्षा में सशर्त सम्मिलित कराया है उन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विवि स्तर पर प्रकरण के अंतिम निर्णय के बाद ही किया जाएगा। साथ ही परीक्षा केंद्र अधीक्षकों को आदेशित किया है कि संबंधित छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं पालीवार, विषयवार और संस्थावार पृथक से पैक कर विवि को प्रेषित की जाएं। ऐसे में प्रकरण के निस्तारण तक 844 छात्रों के परीक्षा परिणाम पर तलवार लटकी है।
संस्थानों की ओर से 844 छात्रों की परीक्षा कराने के लिए शपथपत्र दिए गए हैं। शपथपत्र के आधार पर सशर्त परीक्षा कराई जा रही है। प्रकरण की जांच के उपरांत उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा। अनुपस्थिति को लेकर किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्थान और छात्रों की होगी। - प्रो. ओंकार सिंह, कुलपति उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय