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Amar Uajla: छात्रों को पढ़ाया नागरिकता की जिम्मेदारी का पाठ, जीवन में अखबार का महत्व जाना

Thu, 01 Dec 2022 03:12 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

अमर उजाला की ओर से नागरिकता की जिम्मेदारी विषय पर आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान पूर्व मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल अनुकृति गुसाईं ने कहा कि सिर्फ एक नेता बनकर या सैनिक बनकर ही देश की सेवा में योगदान नहीं दिया जा सकता है। अगर प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से करे तो इससे भी राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दिया जा सकता है।
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कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करती अनुकृति गुसाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला की ओर से श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में नागरिकता की जिम्मेदारी विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उद्योग निदेशालय के निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल व अन्य अतिथियों ने व्यक्तित्व विकास, कानून का पालन, अखबार पढ़ना क्यों जरूरी जैसे मुद्दों पर छात्र-छात्राओं के साथ चर्चा की। कार्यक्रम में विवि के 400 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

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बुधवार को आयोजित सेमिनार की शुरुआत छात्रों ने सरस्वती वंदना के साथ की। इस मौके पर निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल ने सेमिनार के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया। उन्होंने छात्रों को इंटरप्रीनियरशिप, स्टार्टअप जैसे विषयों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक अच्छा नागरिक वह है, जो अपने देश और समाज के लिए योगदान दे।

पहले के समय में विकल्पों का अभाव होता था लेकिन आज हर कॉलेज में इनक्यूबेटर लगा दिए गए हैं। कहा कि निदेशालय स्टार्टअप के क्षेत्र में टॉप 10 में आने पर प्रतिवर्ष सम्मानित करता है। उन्होंने अखबार पढ़ने पर जोर दिया। कहा कि अखबार पढ़ने से हमारा मानसिक विकास होता है और हम समाज के हर वर्ग से अच्छे से जुड़ पाते हैं। विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने कहा कि प्रत्येक छात्र को अखबार अवश्य पढ़ना चाहिए।

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अखबार को ज्यादा बेहतर बताया
किताबों और अखबारों से मिले ज्ञान से हम एक बेहतर भविष्य तैयार कर सकते हैं। अच्छे शब्दों को अपने दिमाग में रखें। इस मौके पर मनोवैज्ञानिक वीना कृष्णनन ने छात्र-छात्राओं के साथ जिम्मेदारी शब्द पर चर्चा की। उन्होंने भी सोशल मीडिया और वेब न्यूज की तुलना में अखबार को ज्यादा बेहतर बताया।
 
कहा कि सोशल मीडिया से कई बार हमें झूठी खबरें मिलती हैं, जबकि अखबार में छपे हर शब्द में सत्यता होती है। डिजिटल पढ़ना ब्रेन के किसी और सेक्शन में जाता है। जबकि हम हार्ड कॉपी पढ़ते हैं तो वह हमारे दिमाग के खास हिस्से में स्टोर होता है। जिससे हमारे दिमाग का विकास भी होता है। कहा कि प्रत्येक युवा को सुबह जल्दी उठने की आदत डालनी चाहिए।

सुबह उठकर अखबार या पुस्तकों का अध्ययन जरूर करें। इससे दिमाग को नई सोच मिलती है। उन्होंने श्रद्धा हत्याकांड का उदाहरण देते हुए छात्राओं को समझाया कि जीवन में जहां अपनी सुरक्षा खतरे में लगे, वहां से तुरंत निकल जाना चाहिए। इस मौके पर विवि के रजिस्ट्रार डॉ. आरपी सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. कृति तिवारी, डॉ. मालविका, डॉ. सरस्वती काला आदि मौजूद रहे।
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कर्तव्यों के निर्वहन से भी हो सकती है देश सेवा
महिला उत्थान एवं बाल कल्याण संस्थान की अध्यक्ष अनुकृति गुसाईं ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैंने भारत जैसे वीरों की धरती वाले देश में जन्म लिया। हम सभी को भारत का नागरिक होने पर गर्व महसूस करना चाहिए। उन्होंने छात्रों से संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों पर चर्चा की। कहा कि हमें अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का भी निर्वहन करना चाहिए। कहा कि सिर्फ एक नेता बनकर या सैनिक बनकर ही देश की सेवा में योगदान नहीं दिया जा सकता है। अगर प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से करे तो इससे भी राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दिया जा सकता है।

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