कालसी और विकासनगर ब्लॉक में प्रमुख बनने का ख्वाब देख रहे लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने दोनों ही ब्लॉकों में प्रमुख के आरक्षण में फेरबदल किया है। पूर्व तक विकासनगर ब्लॉक प्रमुख का पद अनारक्षित श्रेणी में था, जिसे अब ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। जबकि, कालसी ब्लॉक प्रमुख के पद को ओबीसी से हटा अनारक्षित कर दिया गया है।
कालसी ब्लॉक में इस बार क्षेत्र पंचायत की सिर्फ दो ही सीटें ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित थीं। ऐसे में संभावना जताई जा रही थी कि इन्हीं दोनों सीटों में से कोई एक महिला ब्लॉक प्रमुख बन सकती है। साथ ही कई लोग ओबीसी क्षेत्र उत्तरकाशी जौनपुर की विवाहित महिलाओं को भी चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे थे। उक्त क्षेत्र की कई महिलाओं की शादियां जौनसार बावर क्षेत्र में हुई हैं। ऐसे में अब सीट के अनारक्षित होने से इन लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। सीट के अनारक्षित होने के बाद अब यहां पर कई लोग प्रमुख बनने की कतार में आ गए हैं।
वहीं, विकासनगर ब्लॉक में भी प्रमुख की सीट अनारक्षित से ओबीसी के खाते में चले जाने से कई लोगों को झटका लगा है। वहीं, ओबीसी वर्ग से जुड़े लोगों की राह आसान हो गई है। साथ ही विकासनगर प्रखंड के ग्राम पंचायत केदारावाला में ग्राम प्रधान की सीट को अनुसूचित जनजाति महिला से हटा महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। लांघा में भी ग्राम प्रधान का पद महिला से हटा अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। सहसपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत क्यारकुली भट्टा में ग्राम प्रधान का पद महिला से अनारक्षित कर दिया गया है।
चकराता प्रखंड की खारसी क्षेत्र पंचायत सीट को अनुसूचित जनजाति महिला से हटा महिला और चिल्हाड़ में महिला से अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। जिला पंचायत सीट शेरपुर भी अनुसूचित जनजाति महिला से अनारक्षित और शाहपुर कल्याण को अनुसूचित जनजाति से हटा अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है।