गुप्तकाशी में प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में जनरल/ओबीसी इंप्लाइज ने मशाल जुलूस निकाला। चमोली जिले के गोपेश्वर में भी पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की मांग को लेकर कर्मचारी-शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने आरक्षण विरोधी नारे भी लगाए।
बुधवार को कार्य समाप्ति के बाद सरकारी विभागों के कर्मचारी और शिक्षक अखिल भारतीय समानता मंच गोपेश्वर के बैनर तले गोपीनाथ मंदिर के पास एकत्रित हुए। यहां से बड़ी संख्या में कर्मचारी हाथों में मशाल लेकर निकले। उन्होंने पदोन्नति में आरक्षण को लेकर दिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने की मांग की। साथ ही इसके समर्थन में बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मशाल जुलूस मंदिर मार्ग से होते हुए बस स्टेशन तिराह पर पहुंचा। यहां पर काफी देर तक पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन जोशी, जिला मंत्री एपी पुरोहित, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंजीत बिष्ट, कोषाध्यक्ष मनोज वैष्णव, संरक्षण बीएस नेगी, प्रांतीय प्रतिनिधि ललित बिष्ट, एनएस रावत, हीरा बल्लभ जोशी, बुद्धी बल्लभ जोशी, प्रेम प्रकाश देवराड़ी, मनोज तिवारी, प्रमोद भट्ट, संतोष सती, विमल बिष्ट, हर्षपति चमोली, कल्पेश्वरी भंडारी, लक्ष्मी नेगी, रेखा जोशी, सरोज भट्ट, प्रेमा रावत, रजनी डिमरी, राजेश कपरवाण, भूपेंद्र सिंह नेगी, सुभाष खाली सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी मौजूद रहे।
रुद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ में पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में सामान्य/ओबीसी इंपलाइज फेडरेशन के बैनर तले शिक्षक/कर्मचारियों ने मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान आरक्षण के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की गई। बुधवार देर शाम को जिला मुख्यालय में रुद्रा प्वाइंट पर सभी शिक्षक-कर्मचारी एकत्रित हुए। यहां पर आरक्षण के विरोध में नारेबाजी के साथ नया बस अड्डा होते हुए केदारनाथ तिराहे तक मशाल जुलूस निकाला गया।
उधर, ब्लॉक मुख्यालय अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ समेत गुप्तकाशी में भी सामान्य-ओबीसी शिक्षक-कर्मचारियों ने आरक्षण के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। इस मौके पर फेडरेशन के जिलाध्यक्ष विक्रम झिक्वांण, बीएस कठैत, एसपी पुरोहित, नरेंद्र जगवाण, संदीप भट्ट, डा. राजीव गैरोला, दिनेश नेगी, भगत सिंह नेगी, वाईएस नेगी, दिनेश वैष्णव, डीपी कोठारी, बीएस मिंगवाल, डीएस बिष्ट आदि थे।