चिड़ियाघर में भी नहीं जा सकते हैं आदमखोर गुलदार
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आदमखोर गुलदारों को चिड़ियाघरों में भी नहीं भेजा जा सकता है। इसका कारण है कि ये गुलदार लोगों को देखकर बाड़ों में गुस्सा हो जाते हैं। इससे उन्हें खुद को भी नुकसान होता है।
अल्मोड़ा में भी नौ गुलदार, अभी रिपोर्ट का इंतजार
अल्मोड़ा रानीबाग में भी वन विभाग का रेस्क्यू सेंटर हाउसफुल है। यहां पर नौ गुलदार, दो बाघ के शावक और हिरन के बच्चों को रखा गया है। यहां के वेटनरी डॉक्टर डॉ. तरुण कुमार ने बताया कि इन नौ गुलदारों को लोगों पर हमले के मामले आने के बाद पिंजरों में कैद किया गया था। इन सभी की डीएनए रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अभी रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही तय हो पाएगा कि ये आदमखोर हैं या नहीं।
यह बात सही है कि इस समय रेस्क्यू सेंटरों में जगह नहीं बची है। इसके लिए लगातार केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से बात चल रही है। वहां से कोई निर्णय आने के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
- समीर सिन्हा, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक