अजय जैन ने भी प्राधिकरण में किया वाद दाखिल
उधर टू बीएचके वाले फ्लैट के लिए टीपी जैन से 15 लाख रुपये अग्रिम भुगतान प्राप्त कर अपंजीकृत अनुबंध किया गया और इसे अजय जैन को बेच दिया गया। इस संबंध में अजय जैन ने भी प्राधिकरण में वाद दाखिल कर दिया। उधर, पार्टनर हरजिंदर भारद्वाज ने आपत्ति दर्ज कराकर बताया कि वह और शमशेर सिंह ज्वालाजी अपार्टमेंट के पार्टनर हैं। अजय जैन के साथ हुए अनुबंध में वह शामिल नहीं थे।
अनुबंध में उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। शमशेर सिंह उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं। उनसे जबरन कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए। जबकि शमशेर सिंह ने कहा कि संजम जौली और हरजिंदर भारद्वाज के मध्य फ्लैट को लेकर करार हुआ। इसके 12 लाख रुपये भी हरजिंदर भारद्वाज ने प्राप्त किए।
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रेरा ने तथ्यों की जांच में पाया कि फ्लैट को लेकर हुआ अनुबंध संजम जौली और विक्रेता हरजिंदर कुमार भारद्वाज के मध्य हुआ। इसमें ज्वालाजी अपार्टमेंट का नाम उल्लेखित नहीं है। परियोजना समय से पूरी न होने, कब्जा न मिलने के कारण हरजिंदर कुमार भारद्वाज को शिकायतकर्ता को 12 लाख रुपये पर ब्याज समेत 17 लाख, 93 हजार, 850 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए। रेरा ने झूठा शपथ पत्र देने के आरोप में शमशेर सिंह ढुल्लो व हरजिंदर भारद्वाज पर 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया।