मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धासुमन करने के साथ देश के लिए अपने जीवन की आहुति देने वाले वीर जवानों को भी नमन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भारत के निर्माण में उत्तराखंड अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा हैं। विकास का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों की जनता तक पहुंचाने का सरकार भरसक प्रयास कर रही है। उनकी सरकार प्रदेश में पारदर्शी, ईमानदार और कुशल शासन देने को कटिबद्ध है।
गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह देहरादून के परेड मैदान में आयोजित हुआ। जहां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत परेड की सलामी ली। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उरेडा की ओर से घर-घर बिजली, घर-घर प्रकाश’ वाली झांकी पेश की गई। उत्तराखंड पुलिस की ओर से निकाली गई झांकी में आपदा प्रबंधन की झलक दिखाई दी। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार झांकी में ‘अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना’ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स, शिक्षा विभाग की ओर से’ आदर्श विद्यालय’ ग्राम्य विकास विभाग की ओर निकाली गई झांकी में मनरेगा योजना, प्रधानमंत्री आवास तथा नेशनल लाइवलीहुड रूरल मिशन की थीम पर झांकियां निकाली गईं। इन विभागों के अलावा स्वजल, पर्यटन, उद्यान, राष्ट्रीय राजमार्ग, विकास प्राधिकरण समेत 11 विभागों की ओर से आकर्षक झांकियां निकाली गईं।
गणतंत्र दिवस पर सरकार एयर एंबुलेंस सेवा आरंभ की। हालांकि सरकार ने अभी इसके लिए अलग से हेलीकॉप्टर नहीं खरीदा है, लेकिन पूर्व घोषणा के तहत आवश्यकता के अनुसार निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर से सेवा आरंभ होगी। इसका संचालन स्वास्थ्य विभाग करेगा। उन्होंने कहा कि इसी वित्तीय वर्ष में सरकार टेली पैथोलॉजी शुरू करेगी। जुलाई-अगस्त तक पूरा प्रदेश 100 प्रतिशत इंटरनेट सुविधा से जुड़ जाएगा।
परेड में 11 विभागों के सुरक्षा दस्तों ने की मार्च पास्ट
गणतंत्र दिवस परेड में मार्च दस्तों में सेना, आईटीबीपी, पीएसी, उत्तराखंड पुलिस, हिमाचल पुलिस, उत्तराखंड विशेष पुलिस, उत्तराखंड विशेष पुलिस महिला, होमगार्ड, पीआरडी, एनसीसी ब्वायज, एनसीसी गर्ल्स समेत कुल 11 दस्तों ने मार्च पास्ट किया।
प्रदेश के करीब 20 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकार बच्चों को पौष्टिक ऊर्जा आहार के साथ ही हफ्ते में दो दिन दूध भी उपलब्ध कराएगी। करीब 13 हजार आशा कार्यकर्ताओं को भी प्रदेश सरकार खुशखबरी देने जा रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह एलान किया है। हालांकि आशा कार्यकर्ताओं के बारे में वे क्या खुशखबरी देने जा रहे हैं, इसका उन्होंने खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार एक हफ्ते में इसके बारे में निर्णय लेगी।
अपने सरकारी आवास पर पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने अपनी करीब 22 महीनों की सरकार में लिए गए नीतिगत फैसलों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह साल तक के बच्चों की संख्या लगभग ढाई लाख है। इन सभी को उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन के माध्यम से सप्ताह में दो दिन दूध भी उपलब्ध कराया जाएगा।