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परमार्थ घाट से हटाया सामान, दीवार और एसटीपी यथावत

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परमार्थ घाट से सामान हटाता आश्रम का कर्मचारी। - फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन घाट पर पसरे अतिक्रमण को हटाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने हाईकोर्ट से 31 अगस्त तक का समय मांगा है। फिलहाल आश्रम कर्मियों ने घाट में रखे सामान को स्वयं हटाना शुरू कर दिया है। मगर घाट पर बनाई गई दीवार और यहां रखा एसटीपी अब तक नहीं हटाया गया है।
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हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में हरिद्वार निवासी एक व्यक्ति ने परमार्थ निकेतन पर गंगा किनारे सरकारी भूमि कब्जाने का आरोप लगाया है। इसमें यहां निर्माण कर उसका व्यावसायीकरण करने के बारे मेें बताया गया है। जिस पर हाईकोर्ट ने प्रशासन से यहां पसरे अतिक्रमण को हटाकर उसकी रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देशित किया है। इस पर परमार्थ निकेतन के कर्मियों ने घाट में रखे सामान को यहां से हटाना शुरू कर दिया है। उपजिलाधिकारी यमकेश्वर मनीष सिंह ने बताया कि कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट से एक माह का समय मांगा गया है। इसमें शुरूआत के दो हफ्तों में नोटिस की सुनवाई और आखिरी दो हफ्तों में अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
वन विभाग ने मांगा 90 दिनों का समय
ऋषिकेश। वीरपुर खुर्द में रिजर्व फॉरेस्ट की एक हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में वन विभाग ने हाईकोर्ट से जांच और कार्रवाई के लिए 90 दिनों का समय मांगा है। बीते दिनों हाईकोर्ट के निर्देश पर वीरपुर खुर्द में रिजर्व फॉरेस्ट की 35 बीघा जमीन में अतिक्रमण और निर्माण मामले में वन विभाग ने परमार्थ निकेतन अध्यक्ष चिदानंद मुनि के विरुद्घ केस दर्ज किया था। जिसकी जांच रेंज अधिकारी ऋषिकेश को सौंपी गई थी। रेंज अधिकारी ऋषिकेश एमएस रावत ने बताया कि जांच और कार्रवाई के लिए 90 दिनों का समय और मांगा गया है।
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