बाइक पर भी उन्होंने फर्जी नंबर प्लेट लगा दी
जेल से बाहर आने के बाद उनकी पहचान सुजीत नाम के युवक से हुई। उसने एक घटना के लिए दो बाइक और एक कार उपलब्ध कराने को कहा। वादा किया कि इसके लिए अच्छी खासी रकम दी जाएगी। अकबर ने अपने साथी सुमित के साथ मिलकर आगरा से एक कार लूट ली। इसकी नंबर प्लेट बदलकर उसे नजीबाबाद, बिजनौर में सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दिया। कभी कभार वह इसे इस्तेमाल भी करता था। सितंबर माह में उसने एक नीले रंग की बाइक मानेसर और दूसरी गुरुग्राम से चोरी की। इन दोनों बाइक पर भी उन्होंने फर्जी नंबर प्लेट लगा दी।
कब और कहां दिए वाहन
31 अक्तूबर- नीले रंग की बाइक सहारनपुर में सुजीत को दी
छह नवंबर-कार को नजीबाबाद में सुजीत को दिया गया
सात नवंबर-काली रंग की बाइक आईएसबीटी देहरादून में सुजीत को दी
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पौंटा में दी जेवरात की डिलीवरी
इस गैंग के सदस्य सब काम पूरी योजना के साथ करते हैं। फिर वह चाहे हुलिया बदलने की बात हो या फिर माल की डिलीवरी की। हर काम के लिए अलग-अलग गैंग का सहारा लिया जाता है। सभी की अपडेट समय-समय पर जेल में बंद सुबोध वीडियो कॉल और व्हाट्सएप की वॉयस कॉल पर लेता है। इस घटना को करने के बाद भी आरोपियों ने जेवरात एक व्यक्ति को पौंटा में सौंपे थे।