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जेई की बहाली का मामला उलझा:  हड़ताल पर जाने के बाद शासन स्तर पर हटा दिए थे 304 संविदा कनिष्ठ अभियंता

Mon, 18 Jul 2022 01:41 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

छह माह का समय हो चुका है, सभी संविदाकर्मी घर पर बैठे हुए हैं। सितंबर 2021 में नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा पर तैनात कनिष्ठ अभियंता हड़ताल पर चले गए थे। उस दौरान कैबिनेट में यह मामला आया और इसके समाधान के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया। विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री संविदा कर्मियों की बहाली का अनुमोदन दे चुके हैं।
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बैठक - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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लोनिवि में संविदा पर तैनात तीन सौ से अधिक कनिष्ठ अभियंताओं की बहाली का मामला शासन स्तर पर उलझ गया है। सात से 12 वर्ष तक विभाग में सेवाएं देने वाले इन अभियंताओं में से 270 के हड़ताल पर चले जाने के बाद इन्हें हटा दिया गया था। छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इनकी बहाली नहीं हो पाई है, जबकि इस मामले में विभागीय मंत्री सतपाल महाराज और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इनकी बहाली का अनुमोदन दे चुके हैं। 

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लोनिवि में संविदा पर तैनात इन कनिष्ठ अभियंताओं को एकमुश्त 24 हजार रुपये वेतन दिया जा रहा था। सितंबर 2021 में नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा पर तैनात कनिष्ठ अभियंता हड़ताल पर चले गए। उस दौरान कैबिनेट में यह मामला आया और इसके समाधान के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया।

इस पर सात जनवरी में कनिष्ठ अभियंताओं ने हड़ताल समाप्त कर दी। इसके बाद सभी कनिष्ठ अभियंता अपने-अपने खंडों में काम पर लौट गए लेकिन 24 जनवरी को मुख्य अभियंता स्तर से इन सभी संविदा कनिष्ठ अभियंताओं से काम नहीं लेने का आदेश पारित कर दिया गया। जिसमें कहा गया कि इस आशय के निर्देश शासन स्तर पर प्राप्त हुए हैं। 

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286 की बहाली का अनुमोदन

तब से छह माह का समय हो चुका है, सभी संविदाकर्मी घर पर बैठे हुए हैं। इस बीच विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री संविदा कर्मियों की बहाली का अनुमोदन दे चुके हैं, जिसमें कहा गया है कि कुल 304 कनिष्ठ अभियंताओं में से 286 की बहाली की जाए। इसके अलावा आठ के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है जबकि तीन पर धरना-प्रदर्शन के दौरान एफआईआर दर्ज है।

इनमें से 16 ऐसे हैं जो हड़ताल में शामिल नहीं हैं। इस बीच शासन स्तर पर विभाग में जरूरत के अनुसार कुछ अभियंताओं की बहाली की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अब मंत्री और मुख्यमंत्री के सभी को बहाल करने के आदेश के बाद मामला एक बार फिर से उलझ गया है। सूत्रों की मानें तो बहाली की पूरी प्रक्रिया अब नए सिरे से शुरू होगी, जिसमें अब समय लग सकता है। 

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विभाग में जरूरत के अनुसार, संविदा कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। विभाग में पीएमजीएसवाई में डेपुटेशन पर गए 37 कनिष्ठ अभियंता भी लौट आए हैं। ऐसे में संविदा कनिष्ठ अभियंताओं की बहाली के लिए वित्त और कार्मिक विभाग से परामर्श लिया जा रहा है। प्रक्रिया गतिमान है। 
- आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव, लोनिवि

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