राजस्व बढ़ाने के दबाव में आई उत्तराखंड सरकार ने रातों-रात प्रदेश में जमीन की खरीद-फरोख्त को महंगा कर दिया है। जमीनों के पंजीकरण में लगने वाले शुल्क में ढाई गुना इजाफा किया गया है।
शासन के इस कदम से जमीनों के सौदों में लोगों को अब दस हजार की जगह 25 हजार रुपये का पंजीकरण शुल्क अदा करना होगा। वहीं, कई वजहों से मिलने वाली स्टांप ड्यूटी में ढाई प्रतिशत की छूट को भी शासन ने समाप्त कर दिया है।
इससे भी जमीन खरीदने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसका शासनादेश जारी होते ही वकील नाराज हो गए और मंगलवार से हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं।
जमीन के सौदों को सरकार पहले ही सर्किल रेट बढ़ाकर महंगा कर चुकी है। ताजा कदम एक अदद घर की चाहत रखने वालों पर भारी पड़ेगा।