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अफसरों से होगी वसूली: ऋषिकेश निगम और चंपावत पालिका में भारी अनियमितता, हाईकोर्ट ने दिए कार्रवाई के आदेश

Sun, 01 May 2022 11:08 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

शहरी विकास विभाग की जांच में पाया गया कि टेंडर के मानकों के विपरीत भुगतान करने से 26.97 लाख का राजस्व नुकसान हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ऋषिकेश नगर निगम और चंपावत नगर पालिका परिषद में वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की है। इसमें दो अधिकारियों से राजस्व नुकसान की वसूली की जाएगी जबकि एक सहायक लेखाकार के वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। 

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वर्ष 2013-14 में नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र में खोदी गई सड़कों की मरम्मत के लिए रिलायंस जियो इंफोकॉम ने 83.44 लाख की धनराशि दी थी। तत्कालीन नगर पालिका परिषद ने सड़कों की मरम्मत के लिए 46.65 लाख के टेंडर किए जबकि भुगतान 73.63 लाख का किया गया। टेंडर प्रक्रिया में मानकों की अनदेखी गई।

हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लेकर विभागीय जांच के दोषियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। शहरी विकास विभाग की जांच में पाया गया कि टेंडर के मानकों के विपरीत भुगतान करने से 26.97 लाख का राजस्व नुकसान हुआ है। नगर पालिका परिषद ऋषिकेश में कार्यरत तत्कालीन कार्यवाहक लेखाकार शिवेंद्र सिंह के पास अधिशासी अधिकारी का प्रभार भी था।

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वित्तीय अनियमितता के साथ चुनाव आचार संहिता का हुआ था उल्लंघन

विभाग ने शिवेंद्र सिंह से उक्त राशि की वसूली करने के आदेश दिए हैं। छह लाख रुपये की वसूली वेतन से की जाएगी जिसमें उनके वेतन से प्रति माह 10 हजार रुपये काटे जाएंगे। इसके अलावा 20.97 लाख की वसूली भू-राजस्व की भांति की जाएगी। वहीं नगर पालिका परिषद चंपावत में वित्तीय वर्ष 2017 से 2019 में कीटनाशक दवाओं,  सफाई व बिजली उपकरणों की खरीद में वित्तीय अनियमितता के साथ चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ था।

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इस प्रकरण में विभाग ने तत्कालीन अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार के वेतन से 5.57 लाख की वसूली करने आदेश दिए हैं। इसी मामले में सहायक लेखाकार जगदीश लाल शाह को परिनिंदा प्रविष्टि और सहायक लेखाकार सतीश कुमार की वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई। शहरी विकास निदेशक ललित मोहन रियाल ने इसकी पुष्टि की है।
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