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मसूरी में 12 सालों बाद गिरी है ऐसी बर्फ

Sat, 18 Jan 2014 10:12 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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पहाड़ों की रानी में मौसम का तीसरा हिमपात हुआ। बर्फबारी ने 2002 का रिकार्ड तोड़ दिया। मसूरी सहित धनोल्टी में लगभग बारह साल बाद रिकार्ड तोड़ हिमपात हुआ।
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रास्ता बंद
बर्फबारी से 12 वर्षों बाद मसूरी-देहरादून मार्ग पहली बार 6 किलोमीटर पहले ही अवरुद्ध हो गया। मालरोड पर लगभग पांच इंच बर्फबारी हुई। लाल टिब्बा समेत ऊंचाई वाले स्थानों पर दो से तीन फीट हिमपात हुआ।

बर्फबारी से नगर का संपर्क उत्तरकाशी और टिहरी जनपद से टूट गया है। हिमपात के बाद लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। दिनभर लोगों को बिजली, पानी से दो-चार होना पड़ा।
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सुबह से शाम तक गिरी बर्फ
मसूरी सहित धनोल्टी में शनिवार सुबह करीब 6 बजे से शुरू हुई बर्फबारी अपराह्न 4 बजे तक होती रही। बर्फबारी का आलम यह रहा कि सुबह से ही लगभग एक फीट बर्फबारी के कारण आईटीबीपी गेट पर ही जाम लग गया।

लगभग 3 बजे तक स्थानीय निवासियों और सैलानियों को पैदल ही मसूरी मुख्य शहर तक रास्ता नापना पड़ा। बर्फबारी ने होटल व्यवसायियों और व्यापारियों के चेहरे खिला दिए हैं। बर्फबारी से धनोल्टी अलग-थलग पड़ गया है।

मसूरी के सारे रास्ते बंद
उत्तरकाशी, जौनपुर से मसूरी की ओर आने वाले वाहनों के पहिए थम गए हैं। मसूरी पहुंचने की सभी सुविधाएं बंद हो चुकी हैं। जौनपुर की ओर से आने वाली सब्जी और दूध की सप्लाई ठप हो गई। बिजली, पानी की व्यवस्थाएं ठप रही जिससे स्थानीय लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।

बर्फबारी से यातायात बाधित
मसूरी में भारी बर्फबारी के चलते पुलिस ने कोठालगेट पर ही मसूरी आने वाले वाहनों को रोका। देर शाम तक सैलानी मसूरी नहीं पहुंच पाए।

जो सैलानी शनिवार सुबह मसूरी के लिए रवाना हुए थे उन्हें आईटीबीपी गेट पर ही वाहन रोकने पड़े। रोडवेज की बस सेवाओं ने गज्जी बैंड से वापसी की। शहर से दून जाने वाले यात्रियों को पैदल ही गज्जी बैंड की ओर जाना पड़ा।

रास्ते में गिरे हैं पेड़
सीओ मसूरी जया बलूनी ने बताया कि मसूरी में भारी हिमपात के चलते वाहनों को कोठालगेट पर रोका गया। भारी बर्फबारी से मालरोड, मसूरी-देहरादून मार्ग एवं लंढौर में कई दर्जन पेड़ टूट गए।

लंढौर में भारी बर्फ से लदा पेड़ गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। मसूरी-दून मार्ग पर पेड़ टूटे होने के कारण वाहन चालकों को दिक्कतें हुईं।

होटल व्यवसायियों के चेहरे खिले
भारी हिमपात से होटल व्यवसायियों और व्यापारियों के चेहरे खिल गए। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के सदस्य संदीप सहानी ने कहा कि मसूरी शहर में वर्ष 2002 के बाद से पहली बार रिकार्ड हिमपात हुआ है।

इससे उम्मीद है कि आपदा के चलते मंदा पड़ा पर्यटन व्यवसाय फिर से गति पकड़ेगा। इतिहासकार गोपाल भारद्वाज का कहना है कि कई वर्षों के बाद मसूरी में अच्छी बर्फबारी देखने को मिली।
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