आपदा से तहस-नहस हुए केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण में तीर्थ पुरोहित अडंगा लगा रहे हैं। इससे केदारनाथ की टाउनशिप प्लानिंग (छोटे कस्बे के निर्माण की योजना) पर प्रभाव पड़ सकता है।
पुरोहित केदारनाथ में भवनों को ध्वस्त करने और उसकी जगह दूसरा स्थान देने की सरकार की योजना से संतुष्ट नहीं हैं। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण में जुटी सरकार तीर्थ पुरोहितों को नहीं मना पाई है।
ऐसे में केदारनाथ में भवनों को गिराए जाने पर भी ब्रेक लग सकता है। वहीं अब नए सिरे से शासन के स्तर पर पुरोहितों को मनाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जल्द मामले में पुरोहितों और मुख्यमंत्री हरीश रावत के बीच बातचीत हो सकती है।
केदारनाथ में करीब 700 तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी हैं। इनकी केदारनाथ में जमीन भी है और भवन भी। जून 2013 की आपदा ने यहां भवनों को खासा नुकसान पहुंचाया, पर केदारनाथ मंदिर के पास ही कई भवन ऐसे हैं जिनकी ऊपर की मंजिल सही सलामत है जबकि ग्राउंड फ्लोर में मलबा जमा है।