देहरादून। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश सूरी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने को नए सिरे से संस्तुति की गई है। राजेश की बहन रीता सूरी ने आरटीआई के तहत मिली जानकारी के आधार पर यह दावा किया है। उनका कहना है कि शासन से गृह विभाग को संस्तुति भेजी जा चुकी है। हालांकि शासन ने पहले भी गृह विभाग को संस्तुति की थी, लेकिन उस समय सीबीआई ने विवेचना को नहीं लिया था।
बता दें, अधिवक्ता राजेश सूरी की नवंबर 2014 में संदिग्ध परिस्थितियाें में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। बाद में विसरा जांच में जहर आने के बाद राजेश की बहन रीता सूरी ने हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पहले विवेचना निचले स्तर पर हुई। 2016 में विवेचना तत्कालीन एसपी सिटी अजय सिंह को सुपुर्द की गई थी। एसपी ने जांच के बाद मुकदमे में एफआर लगा दी। कोर्ट ने आपत्ति जताते हुए पुन: विवेचना के आदेश दिए थे। फिलहाल विवेचना एसपी श्वेता चौबे के पास है।
पीड़ित रीता सूरी पहले दिन से ही पुलिस विवेचना पर सवाल उठाती रही हैं। रीता सूरी ने मंगलवार को बताया कि उन्हें सूचना के अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध कराई गई है कि राजेश सूरी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की गई है। इस बारे में गढ़वाल रेंज के आईजी अजय रौतेला का कहना है कि सीबीआई जांच की संस्तुति काफी पहले जा चुकी है।