‘अमर उजाला’ टीम ने जरूरतमंद बनकर बैंकों में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के बारे में जानकारी हासिल की, पीएनबी को छोड़कर दो बैंकों में मुद्रा योजना को लेकर अधिकारी और कर्मचारी ही जागरूक नजर नहीं आए। कई जगहों पर तो अब तक इसके विशेष मुद्रा लोन फार्म भी उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। ‘अमर उजाला’ हेल्पलाइन में भी तमाम फोन आते रहे।
लोगों ने बताया कि उन्हें एसबीआई और ग्रामीण बैंक की कई शाखाओं से जानकारी नहीं मिल सकी। लोगों ने बताया कि वे बैंकों तक पहुंचे और बैंक अधिकारियों को योजना की जानकारी नहीं होने से लौट गए। यहां हम स्पष्ट कर दें कि हमारा इरादा किसी बैंक की छवि धूमिल करने का नहीं है। हमारी मंशा केवल जागरूकता फैलाना है।
जिससे ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंच सके। अमर उजाला टीम ने नमूने के तौर पर शहर के अलग-अलग तीन बैंकों में मुद्रा योजना की पड़ताल की जो हकीकत सामने आई ज्यों कि त्यों पेश है...
पंजाब नेशनल बैंक, पटेलनगर ब्रांच : बैंक के अंदर घुसते ही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का बड़ा बैनर और दो कर्मचारी तैनात। पूछने पर बताया कि मुद्रा योजना के तहत बैंक लोन के फार्म उपलब्ध हैं। बैंक के चीफ मैनेजर वीरेंद्र गुलाटी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हर दिन 10 से ज्यादा लोग मुद्रा योजना के तहत लोन का आवेदन करने और जानकारी लेने आ रहे हैं। उनसे जो भी जानकारी मांगी गई, उन्होंने तफसील से बताई।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कांवली रोड ब्रांच : बैंक में आसपास कहीं भी मुद्रा योजना से संबंधित कोई पोस्टर या बैनर नहीं लगाया गया है। मौके पर क्षेत्राधिकारी जीके मिश्रा मिले। जरूरतमंद बनकर उनसे मुद्रा योजना के तहत लोन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यहां मुद्रा-वुद्रा कोई योजना नहीं है।
इसकी कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद ब्रांच मैनेजर एसएस तोमर से पूछा गया तो उन्होंने इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्राधिकारी को भी इसके बारे में समझाया। जब उन्हें हमने बताया कि पत्नी के लिए ब्यूटी पार्लर खोलने को मुद्रा लोन चाहिए तो उन्होंने विस्तार से इसकी जानकारी दी और अपने क्षेत्राधिकारी को भी इससे अपडेट कराया।
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, तहसील चौक ब्रांच : बैंक के आसपास या भीतर कहीं भी मुद्रा योजना से जुड़ी कोई जानकारी चस्पा नहीं की गई थी। एक कर्मचारी से मुद्रा योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ऐसी किसी योजना की उन्हें जानकारी नहीं है।
जब ब्रांच मैनेजर से ग्राहक के तौर पर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने टीवी पर तो ऐसी योजना के बारे में देखा और सुना है। बैंक के हेडक्वार्टर से उन्हें कोई सूचना नहीं आई है। कहा कि आप दो-चार दिन बाद आकर पता कर लेना, हो सकता है तब तक कोई सर्कुलर आ जाए।
25 सितंबर से शुरू होगा विशेष अभियान
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में अब तक मुद्रा योजना का प्रचार-प्रसार न होने के सवाल पर बैंक के सीनियर मैनेजर एवं मुद्रा योजना समन्वयक एसएस नेगी ने बताया कि मुद्रा योजना से जुड़ी प्रचार सामग्री एक-दो दिन के भीतर प्रदेशभर के सभी ग्रामीण बैंकों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
बताया कि फिलहाल सभी बैंकों को निर्देशित किया गया है कि सेवा क्षेत्र या किसी कारोबार से जुड़े 10 लाख रुपये तक के लोन को मुद्रा योजना के तहत माना जाए। इसके लिए 25 सितंबर से दो अक्तूबर के बीच प्रदेशभर में मुद्रा योजना के विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे।
50 हजार तक पांच साल का समय
मुद्रा योजना के तहत लिए जाने वाले लोन को चुकाने के लिए भी समयावधि है। अगर आप 50 हजार रुपए का लोन लेते हैं तो इसे अधिकतम पांच साल में चुकाना होगा। पांच लाख से दस लाख रुपए तक का लोन चुकाने को अधिकतम सात साल का समय मिलेगा।
खास बात यह है कि 50 हजार रुपए तक के लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं है। शर्त यह है कि लोन के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति किसी भी अन्य बैंक या वित्तीय संस्था का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए।
यह दस्तावेज देने जरूरी
(50 हजार रुपए तक के लोन के लिए)
पहचान पत्र : मतदाता पहचान पत्र/ ड्राइविंग लाइसेंस/पैन कार्ड/आधार कार्ड/पासपोर्ट/सरकारी प्राधिकरण की ओर से जारी सेल्फ अटेस्ट फोटो आईडी।
पते का प्रमाण : वर्तमान टेलीफोन बिल/बिजली का बिल/संपत्ति कर रसीद (दो महीने से पुरानी न हो)/मतदाता पहचान पत्र/आधार कार्ड/व्यक्तिगत/साझेदार/बैंक पासबुक या बैंक अधिकारियों की ओर से विधिवत सत्यापित नया विवरण/निवास प्रमाण पत्र/सरकारी प्राधिकरण/स्थानीय पंचायत/नगर पालिका द्वारा जारी प्रमाण पत्र आदि।
आवेदक के दो नए फोटो, खरीदी जाने वाले मशीनरी या अन्य मदों की कोटेशन, आपूर्तिकर्ता का नाम/मशीनरी का ब्योरा/मशीनरी का मूल्य। इसके अलावा व्यवसायिक उद्यम की पहचान पते का प्रमाण जैसे-लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र, व्यवसायिक इकाई के स्वामित्व, पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां अगर हों। इसके साथ ही अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/ अल्पसंख्यक श्रेणी का प्रमाण।
(दस लाख तक के लोन के लिए)
पहचान प्रमाण पत्र, आवास प्रमाण पत्र, कारोबार के पते का प्रमाण।
इनकम टैक्स या सेल्स टैक्स रिटर्न। अगर ऑडिट बैलेंस शीट नहीं है तो बिना ऑडिट की बैलेंस शीट भी चल सकती है।
किराया करार (अगर कारोबार स्थल किराये पर हो)। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण पत्र।
दो लाख या इससे अधिक के सभी मामलों में आगामी दो साल की प्रोजेक्ट बैलेंस शीट। किसी कंपनी को टेकओवर करने के मामले में उस कंपनी की पुरानी बैलेंस शीट या वर्तमान बैंक खाते का विवरण भी होना चाहिए।