हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद शुक्रवार सुबह से ही कांग्रेसियों के तेवर बदले हुए थे। कांग्रेस भवन आए नेताओं में सत्ता की हनक झलक रही थी। दोपहर को कांग्रेस ने विधायकों की बैठक बुलाई। विकास कार्यों का नक्शा बन रहा था और साथ ही जोड़-तोड़ की गणित भी बनती रही।
यह भी कहा गया कि संदिग्धों पर नजर रखी जाए। उनके साथ एक खांटी कांग्रेसी को लगाने का निर्णय लिया गया ताकि कोई चूक न हो। यह सब चल ही रहा था कि सुप्रीम कोर्ट के स्थगनादेश देने की खबर आ गई। एकबारगी नेताओं का चेहरा उतर गया, जल्दी-जल्दी चाय पी और बैठक समाप्त।
अंबिका सोनी लेती रहीं फीडबैक
शुक्रवार सुबह राजपुर रोड स्थित एक होटल में उत्तराखंड प्रभारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी नेताओं और कार्यकर्ताओं से फीड बैक लेती रहीं। साथ ही हर कांग्रेसी की जुबान पर हाईकोर्ट के फैसले की तारीफ थी। सोनी कहती रहीं कि हाईकोर्ट ने फैसले में प्रत्येक बिंदु को छुआ है। दोपहर को अंबिका सोनी ने विधायकों के साथ बैठक की।
बैठक में विधानसभा वार विकास कार्यों के बारे में पूछा गया। साथ ही कहा गया कि जो काम होने हैं उनका प्रस्ताव तैयार कर लिया जाए।
बहुमत साबित करने की भी होने लगी तैयारी
बंद कमरे में चली बैठक में विधानसभा सदन में बहुमत साबित करने की भी गणित बनी। भाजपा को कोसा गया। विधायकों और नेताओं में हुज्जत भी हुई। कांग्रेस नेता राजेंद्र भंडारी और गणेश गोदियाल किसी बात नाराज होकर बाहर निकल आए। बाद में रंजीत रावत उन्हें मनाकर ले गए।
विधानसभा चुनाव की तैयारी पर चर्चा चल ही रही थी कि स्थगनादेश की खबर आई। पल भर में खिले चेहरे मुरझा गए। कांग्रेस भवन की रौनक गायब हो गई। मायूस कार्यकर्ता घर चले गए और सन्नाटा पसर गया।