हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में किशोरी की रेप के बाद हत्या के मामले में विधानसभा कूच करने आ रहे परिजनों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने इन्हें रायवाला में गिरफ्तार किया।
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तेरह दिन पहले हुए इस दिल दहला देने वाले मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। परिजनों ने रविवार को विधानसभा कूच का ऐलान किया था। 13 साल की किशोरी को इंसाफ दिलाने के लिए परिजनों ने यह रणनीति बनाई थी।
तेरह दिन बीत चुके हैं घटना को
तेरह दिन बीतने पर बहुचर्चित छात्रा हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका है। इससे पहले बेटी के गुनाहगारों के गिरफ्त में न आने से खफा पिता ने मुख्यसचिव को पत्र भेजकर विधानसभा के बाहर आमरण अनशन की चेतावनी दी थी।
विधानसभा के बाहर धरना
रविवार को अमर उजाला से छात्रा के परिजनों ने रणनीति सांझा की। परिजनों ने बताया कि वे सोमवार सुबह यानि आज विधानसभा के लिए रवाना हो जाएंगे। बताया कि बेटी के कातिलों के गिरफ्तार न होने तक विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
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रुंधे गले से पिता ने कहा कि उनकी बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई, पर अब तक भी कातिल खुलेआम घूम रहे है। पुलिस की कार्रवाई केवल दावे तक सिमटी हुई है।
पॉलीग्राफ टेस्ट सोमवार से
छात्रा हत्याकांड में चिन्हित किए गए नौ संदिग्धों के पोलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया सोमवार से शुरु होगी। नगर पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि दो दो संदिग्धों को पोलीग्राफ टेस्ट के लिए सीबीआई लैब भेजा जाएगा। 24 जनवरी तक ये प्रक्रिया पूरी करा ली जाएगी।
डीआईजी ने स्वीकारी असफलता
सूबे को हिला देने वाले छात्रा हत्याकांड में हरिद्वार पुलिस के हाथ अब तक खाली है। पुलिस की पड़ताल में अब तक अहम सुराग नहीं मिले है। पुलिस केवल लैब और टेस्ट के भरोसे बैठी हुई है।
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डीजीपी के निर्देश पर यहां कैंप कर रहे डीआईजी गढ़वाल रेंज अमित सिन्हा ने बताया कि दून की लैब में भेजे गए संदिग्धों के डीएनए निकालने की प्रकिया अभी चल रही है।