दुराचार पीड़िता ने जिस पर आरोप लगाया, अब वही उसे तलाश रहा है। मामले में एक अन्य पक्ष पर भी आरोप है।
पहले पक्ष का कहना है कि दूसरा पक्ष उन्हें फंसाना चाहता है। इसीलिए गवाही से पहले युवती को बंधक बना लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। लुधियाना निवासी अभिनव प्रशांत ने बताया कि वर्ष 2009 में उनके रिश्तेदार पर पंजाब की ही एक युवती ने दुराचार का आरोप लगाया था।
मामला देहरादून शहर कोतवाली में दर्ज हुआ था, क्योंकि युवती ने यहीं घटनास्थल बताया था। बाद में युवती ने पुलिस जांच में कहा कि उसने दबाव में यह आरोप लगाया। इसके बाद उसने लुधियाना के ही कुछ अन्य लोगों पर दुराचार का आरोप लगाया था।
प्रशांत का कहना है कि झूठे आरोप के कारण परिचित परेशान हैं, जबकि युवती लंबे समय से कोर्ट में पेश नहीं हो रही। बताया कि एक वर्ष पूर्व दूसरे पक्ष ने युवती की ओर से एक समझौता पत्र अदालत में दिया, जिसमें उस पक्ष से मुकदमा वापस लेने की बात लिखी थी। लेकिन युवती के न आने से वह भी मंजूर नहीं हुआ।
प्रशांत का आरोप है कि अब दूसरा पक्ष युवती को दून नहीं आने दे रहा, जबकि वह मामले में स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं। कोतवाली पुलिस ने लुधियाना निवासी डॉ. सुमित शौकत, जेआर शौकत, कमल साहनी, अमित शौकत और एक महिला पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी एसएस बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।