राज्य आंदोलनकारियों को अलग-अलग पेंशन
राज्य आंदोलनकारियों को वर्तमान तीन अलग-अलग श्रेणियों में पेंशन दी जाती है। सामान्य चिह्नित आंदोलनकारियों को 4500 रुपये, सात या उससे अधिक दिन जेल गए आंदोलनकारियों 6000 रुपये और रासुका के तहत जेल में रहे आंदोलनकारियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। राज्य आंदोलन से जुड़े संगठनों ने मुख्यमंत्री से आंदोलनकारियों की पेंशन के एक समान करने की मांग उठाई थी।
वह क्रूर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी
सीएम ने कहा, दो अक्तूबर 1994 को अलग राज्य की प्राप्ति के लिए आंदोलन कर रहे हमारे नौजवानों और माता-बहनों के साथ क्रूरतापूर्वक बर्ताव हुआ। कई आंदोलनकारियों की इसमें शहादत हुई। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता एवं स्थानीय उत्पादों के स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही।