योग गुरु बाबा रामदेव के दिव्य योग मंदिर कृपालु बाग कनखल और हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र स्थित दिव्य फार्मेसी के भवन बनाने के लिए हरिद्वार विकास प्राधिकरण (एचडीए) से नक्शा पास नहीं कराया गया है।
कंपाउंड मैप दाखिल
दबाव बढ़ने पर कंपाउंड मैप दाखिल किया गया लेकिन कंपाउंड शुल्क जमा नहीं कराया। अब एचडीए करीब एक करोड़ 44 लाख रुपए की वसूली के लिए विधिक राय ले रहा है। एचडीए ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए अंतिम नोटिस दिया तो दिव्य फार्मेसी के प्रबंधक ने वर्ष 2012 में अवैध निर्माण का कंपाउंड मैप दाखिल कराया था।
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इस अवैध निर्माण पर एक करोड़ 44 लाख 651 रुपए का कंपाउंड शुल्क निर्धारित किया गया था। लेकिन कंपाउंड कराने के बाद फार्मेसी प्रबंधक ने आज तक कंपाउंड शुल्क जमा नहीं कराया है। इसकी वसूली के लिए एक अक्तूबर में अंतिम स्मरण नोटिस भेजा गया है। बाद में इंडस्ट्रीयल एरिया को सिडा (राज्य औद्योगिक विकास निगम) में सम्मिलित कर दिया गया था।
एचडीए ने काटा नोटिस
इसकी आड़ लेकर कंपाउंडिंग शुल्क अदा करने में फार्मेसी प्रबंधक आनाकानी कर रहे हैं। एचडीए ने नहर किनारे कृपालु बाग कनखल में दिव्य योग मंदिर के अवैध निर्माण का पहला नोटिस बाबा के गुरु शंकरदेव महाराज के नाम 6 फरवरी 1998 को भूतल पर एक हॉल का निर्माण और प्रथम तल पर 20 आरसीसी के कॉलम खड़े करने का नोटिस काटा।
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फिर प्रबंधक दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट के नाम 5 अप्रैल 2003 को प्रथम तल पर पांच कमरों का निर्माण व 12 कॉलम खड़े करने का नोटिस काटा गया। इसके बाद भी अवैध निर्माण चलते रहने पर 9 अप्रैल को एक और नोटिस काटा गया, परंतु तब बाबा का सूरज उग रहा था इसलिए एचडीए के अवैध निर्माण के नोटिसों की किसी ने परवाह नहीं की।
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