लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने क्रिकेट के फटाफट फारमेट टी-20 की तर्ज पर पारी खेली। योगगुरु रामदेव को संभलने का मौका दिए बिना एक के बाद एक मुकदमों की झड़ी लगा दी। पिछले एक साल के दौरान स्वामी रामदेव से जुड़े प्रतिष्ठानों पर मुकदमों का शतक पूरा हो चुका है।
लगातार टारगेट
16 अगस्त 2012 को दिव्य योग मंदिर कनखल से फूड प्रोडक्ट का सैंपल भरे जाने के बाद से सरकारी सिस्टम स्वामी रामदेव के प्रतिष्ठानों को लगातार टारगेट कर रहा है।
हरिद्वार में ही फूड प्रोडक्ट से जुड़े छह वाद दर्ज हैं। देश के अन्य हिस्सों से भी दो दर्जन से ज्यादा नोटिस मिल चुके हैं। सरकार ने रामदेव की जमीनों को लेकर तो मुकदमों की बरसात ही कर दी है।
चार और मामले दर्ज
स्वयं मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने देहरादून में प्रेस कांफ्रेंस कर रामदेव पर 81 मुकदमे दर्ज किए जाने की घोषणा की। इसके बाद भी जिला प्रशासन की ओर से चार और मामले दर्ज किए गए हैं।
जमीनों को लेकर रामदेव के प्रतिष्ठानों पर 12 दिन में 85 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो वादों की संख्या 100 से ऊपर पहुंच चुकी है।
हालांकि पतंजलि योगपीठ खेमे में इन मुकदमों को लेकर ज्यादा हलचल दिखाई नहीं दी है। ऐसा लगा मानो रामदेव खेमा पहले से ही इन मुकदमों को लेकर तैयार था।