बाबा रामदेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जबरदस्त प्रशंसक हैं। फिर भी बुलावे के बावजूद वे मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं गए थे। अब ऐलान से पहले बाबा ने पद्म विभूषण अलंकरण उन्हें न दिए जाने का आग्रह केंद्र से किया।
यह मानकर कि बाबा को कोई न कोई पद्म अलंकरण मिलेगा, पतंजलि में स्वागत की तैयारियां भी चल रही थीं। दिल्ली में घोषणा होने के बाद पतंजलि की सभी इकाइयों में जश्न मनाया जाना था। लेकिन बाबा के इनकार से सब-कुछ धरा रह गया।
पतंजलि परिवार को इस बारे में कुछ समझ नहीं आया। पूछे जाने पर आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि नाराजगी की बात नहीं। यह तो बाबा की निजी राय है। वे मान-सम्मान से दूर रहना चाहते हैं।
अपने यहां बुलाकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट करने का काम बाबा रामदेव ने किया था।