राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के अनुषांगिक संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण और तीन तलाक खत्म करने के लिए कानून बनाने समेत पांच प्रस्ताव पारित किए गए। इन प्रस्तावों को अमलीजामा पहनाने के लिए मंच के कार्यकर्ता रमजान से काम शुरू करेंगे।
शुक्रवार शाम से शुरू हुई मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक शनिवार को संपन्न हो गई। दूसरे दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार की मौजूदगी में पांच प्रस्तावों पर मुहर लगाई। इनमें अयोध्या में राममंदिर का भव्य निर्माण करने के लिए मंच के कार्यकर्ताओं को मुस्लिम समाज के अंदर माहौल तैयार करने का प्रस्ताव पास किया गया।
इसके अलावा मुस्लिम समाज की महिलाओं को तीन तलाक के दंश से मुक्ति दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से कानून बनाने की मांग को लेकर प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। प्रस्ताव के अनुसार मुस्लिम मंच के कार्यकर्ता देशभर में मुसलमानों का समर्थन जुटाने के लिए जागरूक एवं हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। ‘गाय बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत भी मुसलमानों को रमजान में मांस नहीं खाने, बल्कि काऊ मिल्क पार्टी से रोजा इफ्तार कराने पर सहमति बनी।
कार्यकारिणी में पाक के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लेने और चीन से तिब्बत को आजाद करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। कार्यकारिणी में मुस्लिम बच्चों को मदरसों में दीनी तालीम के साथ-साथ कंप्यूटर का ज्ञान और आधुनिक शिक्षा देकर बाद में इन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए कार्यकर्ताओं ने रमजान से काम करने का संकल्प लिया।
गंगा की निर्मलता के लिए संकल्प
गंगा की निर्मलता के लिए संकल्प
कार्यकर्ताओं ने कार्यकारिणी में गंगा की निर्मलता एवं अविरलता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस दौरान गंगा में कूड़ा, गंदा पानी नहीं डालने का संकल्प लिया गया। चमड़ा कारोबार से जुड़े मुस्लिम शहरों (कानपुर, कलकत्ता, हुगली) में मुस्लिम व्यापारियों को गंगा में गंदा पानी नहीं डालने के लिए जागरूक करने का अभियान चलाने की योजना बनाई।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कर रहा गुमराह
कार्यकारिणी में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि राजनीति चमकाने के लिए बोर्ड मुसलमानों को गुमराह करने का काम करता आ रहा है। तीन तलाक के मुद्दे पर भी बोर्ड मुसलमानों को भ्रमित कर रहा है। बोर्ड कुरान के अनुसार न चलकर अपनी स्वार्थ की राजनीति पर काम कर रहा है। वक्ताओं ने पर्सनल बोर्ड से मुख्य धारा से जुड़कर मुस्लिम समाज के हितों में काम करने की अपील की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल, अबू बकर नकवी, डा. शाहिद अख्तर, गिरीश जुयाल, जिला संयोजक फरत सिद्दीकी, प्रदेश संयोजक डा. सदाकत, प्रदेश संगठन मंत्री अनुराग त्रिपाठी, गोरक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शौकीन अंसारी, पूर्व वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हाजी राव शराफत आदि मौजूद रहे।