योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ा रहा था आंदोलन
हम जब गांवों में जाते तो भगवान राम और अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए लोगों का जुनून देखकर हतप्रभ रह जाते। उनकी यह जुनून हमें आंदोलन को और अधिक सक्रिय करने की प्रेरणा देता था। हम जानते थे कि यह आंदोलन लंबा चलेगा। इसलिए हम योजनाबद्ध ढंग से आंदोलन को आगे बढ़ा रहे थे। जब कार सेवक अयोध्या जाने लगे तो पुलिस ने उनकी धर-पकड़ शुरू कर दी। पुलिस हमें भी तलाश रही थी। लेकिन हम गुप्त ठिकानों में जाकर आगे की योजना बनाते थे। कहां सभाएं होंगी, कहां आंदोलन से जुड़े लोगों को जनसंपर्क करना होगा।
पूरी दुनिया के लिए राम एक आदर्श पुरुष
हम इस बात को लेकर तो आश्वस्त थे कि राम जन्मभूमि पर अपना अधिकार ले लेंगे, लेकिन वहां एक दिव्य और भव्य मंदिर का निर्माण इतने रिकॉर्ड समय में हो जाएगा, इसका अंदाजा नहीं था। आज अयोध्या में रामलला विराजमान होने जा रहे हैं। 22 जनवरी की तारीख तय हो चुकी है। प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम बेशक अयोध्या में होगा, लेकिन समूचे राष्ट्र के करोड़ों लोग इस दिव्य दिवस के समारोह में अपने-अपने ढंग से शामिल होंगे। यह सच्चाई है कि पूरी दुनिया के लिए राम एक आदर्श पुरुष हैं। वह पुरुषों में उत्तम हैं। उन्हें जिस रूप में देखना चाहें, उस रूप में वह प्रेरणादायी हैं। (डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री व सांसद)
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