मैं मुख्य सेवक के रूप में अयोध्या गया था
फिर कई वर्षों बाद मुझे दोबारा अयोध्या जाने का अवसर मिला। इस बार मैं मुख्य सेवक के रूप में अयोध्या गया था। तब तक सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ चुका था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामलला जन्म स्थान में विराजमान हो गए थे। मेरा मन आह्लादित हो गया। लगा अब तो बड़ा काम हो गया। खुशी चौगुनी हो गई जब प्रधानमंत्री ने अयोध्या में भगवान राम के भव्य और दिव्य मंदिर का खाका सामने रखा। तब आरंभ में ऐसा जरूर लगा कि अभी भव्य मंदिर बनने में बहुत समय लगेगा।
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मगर जैसे ही 22 जनवरी 2024 की तारीख सामने आई तो आश्चर्य और खुशी की सीमा नही रही। पूरा देश 22 जनवरी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। इस दिन भगवान राम के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य समारोह होगा। उस वक्त हम नारा लगाते थे, राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे। अब हम कह रहे हैं, राम लला हम आ गए, मंदिर वहीं बना रहे। संघर्ष से सफलता तक की इस यात्रा के साक्षी रहे हर भारतीय के लिए यह गौरव की बात है।
(पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री)