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राज्यसभा पहुंचने के बहुगुणा के सपनों पर फिरा पानी

Sun, 06 Jul 2014 12:02 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड की खाली हुई राज्यसभा सीट को भरने के लिए कांग्रेस के भीतर फिर से सिरफुटव्वल शुरू हो गया है। दो साल के लिए भरी जाने वाली इस सीट पर अचानक प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अंबिका सोनी का नाम आते ही तमाम नेताओं के मंसूबे पर पानी फिरता दिख रहा है।
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हालांकि अंबिका सोनी के नाम को लेकर अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि अभी ऐसा कुछ उनके संज्ञान में नहीं आया है।

हाल ही में खाली हुई प्रदेश की एक मात्र राज्यसभा सीट पर लंबे से पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की नजर है।

बहुगुणा की राह में रोड़ा बना रावत खेमा

मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद से ही बहुगुणा इस कोशिश में हैं कि उन्हें राज्यसभा भेज दिया जाए। इसी के चलते उन्होंने लोकसभा चुनाव से किनारा किया था जबकि हरीश रावत खेमा हर बार उनकी राह में रोड़े अटका रहा है।

रावत खेमे का तर्क है कि बहुगुणा के राज्यसभा चले जाने से सितारगंज विधानसभा सीट खाली हो जाएगी और विधानसभा में कांग्रेस का अंकगणित कमजोर होगा।

लोकसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राजनैतिक समीकरण बैठाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव आलाकमान के सामने रखा था। जो सिरे नहीं चढ़ा और बाद में हरीश धामी ने मुख्यमंत्री के लिए धारचूला सीट छोड़ दी।
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स्थानीय नेता का मुद्दा भी उछला

बदले हालात में राज्यसभा के लिए हरीश रावत खेमे से कोई बड़ा नाम तो नहीं आया है लेकिन रावत के कई करीबी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

राज्यसभा के लिए घोषित तौर पर विजय बहुगुणा के अलावा पार्टी प्रवक्ता धीरेन्द्र प्रताप खुलकर दावेदारी ठोंक रहे हैं। धीरेन्द्र प्रताप का कहना है कि अगर पार्टी अंबिका सोनी को राज्यसभा भेजना चाहती है तो स्वागत है लेकिन इस पद पर राज्य के ही किसी नेता का चयन होना चाहिए।

दूसरी ओर अंबिका सोनी का नाम आने पर बहुगुणा खेमे ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि विजय बहुगुणा का रास्ता रोकने के लिए जानबूझकर अंबिका सोनी का नाम उछाला गया है।
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