उत्तराखंड सरकार को संकट से उबारकर लाने की कमान अब वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश के हाथों में है।
वित्त मंत्री इंदिरा हृदेश के आवास पर बुधवार को हुई चाय पार्टी में राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रमुखता से चर्चा हुई। रोज-रोज के गिले-शिकवे से आजिज मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इंदिरा को कांग्रेस और पीडीएफ विधायकों को एकजुट रखने के लिए आगे किया है।
सियासी संकट के दौरान हरीश रावत के साथ खडे़ होने वालों में इंदिरा हृदेश सबसे प्रमुख नाम है। बगावत के बाद बचे विधायकों को एकजुट करने और फ्लोर टेस्ट के दौरान भी उनकी अग्रणी भूमिका रही।
इधर, राज्य सभा चुनाव में पार्टी और सहयोगी दलों के नेताओं की मांगों और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर मुख्यमंत्री ने फिर एक बार इंदिरा हृदेश को अहम दायित्व सौंपा है।
एफआईआर पर वेट एंड वॉच
विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन में फंसे मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर को लेकर कांग्रेस वेट एंड वॉच की स्थिति में है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी के भीतर मौजूद एक धड़ा एफआईआर के बाद नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी में जुटने के साथ ही अपनी फील्डिंग सजाने में जुट गया है। वहीं दबी जुबान से कुछ लोग एफआईआर होने के बाद आगे की रणनीति बनाने की चर्चा कर रहे हैं।