बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में चट्टान से भूस्खलन होने के कारण दूसरे दिन सोमवार को भी यातायात के लिए नहीं खुल पाया। इस बीच 244 उत्साही तीर्थयात्री अपने वाहनों को पांडुकेश्वर में छोड़कर पैदल ही बदरीनाथ के लिए रवाना हुए। तीन किमी की पैदल पगडंडी नापकर तीर्थयात्री भूस्खलन क्षेत्र के दूसरे छोर पर पहुंचे और यहां से वाहनों से बदरीनाथ धाम पहुंचे। उधर, बदरीनाथ दर्शन कर लौट रहे 175 तीर्थयात्री लामबगड़ में पैदल चलकर अपने गंतव्य को पहुंचे। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लामबगड़ में रविवार शाम तीन बजे से अवरुद्ध पड़ा हुआ है।
चमोली जिले में भूस्खलन से 18 मोटर मार्ग अवरुद्ध पड़े हुए हैं, जिससे ग्रामीण अपने गांवों में ही कैद होकर रह गए हैं। सबसे अधिक दिक्कत निजमूला, थराली, देवाल और दशोली क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए मीलों दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। जिले में थराली-देवाल-मुदौली-वाण सड़क जुलाई माह से अवरुद्ध पड़ी हुई है। ग्रामीण जरूरी खाद्य सामग्री अपनी पीठ पर लादकर ले जा रहे हैं। इसके अलावा आदिबदरी-नौटी, पुरसाड़ी-पलेठी, घाट-धुर्माकुंडी, सेरामोख-कुंडी, सेरा-बैरों, उमट्टा-मौणा, थराली-जूनीधार, सैमी-पनाई-उत्तरों, कनकचौंरी-पोगठा, निजमूला-गौंणा-पगना, अपर चमोली-खैनुरी, लासी-सरतोली, लोहाजंग-वाण, थराली-कोलपुड़ी, थराली-किमनी, डुंगरी-रतगांव और कुरुड़-माणखी सड़कें भी बंद पड़ी हैं।
चंबा-मसूरी मार्ग सुवाखोली के समीप अवरूद्ध है। सात अन्य ग्रामीण सड़क मार्ग भी अवरूद्ध हैं। यहां बीएसएनएल की संचार सेवा बाधित हो गई है। सड़क मार्ग बंद होने से सोमवार को चंबा, नई टिहरी में समाचार पत्र नहीं पहुंच पाए। टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल 806 मीटर पहुंच गया है। झील से 482 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
बारिश से उफान पर किरोड़ा नाला
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दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने जमकर आफत बरसाई है। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर पेड़ की चपेट में आने से लोहाघाट के मल्ला बापरू की भागीरथी देवी (52) की मौत हो गई। खटीमा के पकड़िया क्षेत्र में खकरा नाले में बहने से पीलीभीत के ग्राम जमुनिया माधोटांडा निवासी ऐबरन लाल (50) की जान गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश का चेतावनी जारी की है।
टनकपुर में किरोड़ा और बाटनागाड़ नालों के उफान में आने से पूर्णागिरि मार्ग घंटों बंद रहा। किरोड़ा नाले को पार करते समय नायकगोठ निवासी रोहित जोशी स्कूटी के साथ बह गया। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने उसे बचा लिया। उधमसिंह नगर में बाढ़ जैसे हालात हैं। खटीमा में लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। नानकमत्ता विधायक प्रेम सिंह राणा ने भी नाव से पहुंचकर थाने का निरीक्षण किया। ऊधमसिंह नगर में ड्रोन कैमरे से नानक सागर बैराज के जल स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। नानकमत्ता में देवहा के उफनाने से कच्चे झाले धराशायी हो गए। बनबसा के मझगांव में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। लोगों के घर जलमग्न हो गए हैं।
मलबा के चलते टनकपुर-चंपावत हाईवे समेत कुमाऊं में 46 सड़कें बंद हैं। इनमें चंपावत में 19, पिथौरागढ़ में 12, बागेश्वर में 7, नैनीताल में 5 और अल्मोड़ा में तीन सड़कें शामिल हैं। टनकपुर-चंपावत एनएच के बंद होने से रविवार से डेढ़ सौ से ज्यादा यात्री और वाहन सूखीढांग में फंसे हुए हैं। सोमवार को भी टनकपुर से पहाड़ी मार्गों के लिए वाहनों का संचालन ठप रहा। रोडवेज की कुछ बसों को वाया हल्द्वानी, लोहाघाट और पिथौरागढ़ भेजा गया। शारदा बैराज से दूसरे दिन भी वाहन का संचालन बंद रहा। मुनस्यारी के मंसूरीकांठा लाछुली में रामगंगा पर बने पुल का पिलर ध्वस्त हो गया। इसके चलते पुल से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यह पुल पिथौरागढ़ और बागेश्वर जोड़ता है। हल्द्वानी में शहर की तमाम सड़कें जलमग्न हो गईं। गौला का जलस्तर 2961 क्यूसेक से बढ़कर 4404 क्यूसेक पहुंच गया।